
आमाखुजरी के जंगल में अतिक्रमण तुड़वाना सरपंच पति को भारी पड़ गया। गुरुवार रात थाना पिपलोद क्षेत्र में सरपंच पति की मर्डर मिस्ट्री को खंडवा पुलिस ने 48 घंटे में सुलझा लिया। पिपलोद थाना पुलिस ने सरपंच पति की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में दो आरोपियों क तलाश जारी है। रविवार को पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने मामले का खुलासा किया।
खंडवा के थाना पिपलोद क्षेत्र अंतर्गत गुरुवार रात बोरखेड़ा ग्राम पंचायत की सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंह अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। रूमसिंह बोरखेड़ा से अपने घर सरपंच टांडा लौट रहे थे, इसी दौरान अज्ञात हत्यारों ने कुल्हाड़ी से उनका गला रेत दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीम गठित कर जांच में लगाई थी। मामले में साइबर सेल से भी तकनीकी मदद ली गई थी। पुलिस, फारेंसिक टीम और साइबर सेल की सहायता से तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 48 घंटे में केस को सुलझा दिया।
पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने बताया कि मामले में कुल पांच आरोपी सामने आए है। पुलिस टीम ने साहदर उर्फ सरदार पिता कलसिंग, दिनेश पिता नानसिंग और अनिल पिता कलसिंग तीनों निवासी आमाखुजरी भिलाईखेड़ा को गिरफ्तार किया है। मामले में छतरसिंह पिता लाखसिंह एवं सुरमल पिता मुआसिंह दोनों निवासी आमाखुजरी फरार है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों को शंका थी कि वन अतिक्रमण पर हुई कार्रवाई के दौरान उनके मकान तुड़वाने में सरपंच पति रूमसिंह का हाथ था। जिसके चलते वह उससे रंजिश रखे हुए थे और घटना को अंजाम दिया।
इस अंधे कत्ल के त्वरित खुलासे एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी पिपलोद निरीक्षक विक्रम धार्वे के नेतृत्व में थाना पिपलोद से उनि प्रेम सिंह जामोद, आरक्षक धीरज बेंजामिन व थाना पिपलोद पुलिस टीम तथा सायबर सेल खंडवा प्रआर जितेन्द्र राठौर, प्रआर सुनील लांडगे, प्रआर रामनरेश यादव एवं आरक्षक नरेन्द्र मुकाती की टीम की सराहनीय भूमिका रही।