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खंडवा में सरपंच पति की बेरहमी से हत्या, सिर-गर्दन पर तीन वार, 10 हजार का इनाम

खंडवा. ग्राम पंचायत बोरखेड़ा की सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंह की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुक्रवार सुबह उनका शव सरपंच टांडा से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर रास्ते पर खून से लथपथ मिला। सिर और गर्दन पर धारदार हथियार के वार के निशान मिले हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को कुल्हाड़ी या फालिया से हमला किए जाने की आशंका है। घटना के बाद पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए पांच टीमें गठित की हैं। पुलिस ने अब तक 20 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की है। हत्यारों की सूचना देने वाले के लिए एसपी अगम जैन ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।
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घटनास्थल

- घर से डेढ़ किमी दूर सड़क पर मिला खून से लथपथ शव, बाइक पास ही पड़ी थी, 20 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ

बाइक से घर लौटते समय हमला, रास्ते में पड़ा मिला शव

रूमसिंह गुरुवार रात बोरखेड़ा से अपने घर सरपंच टांडा लौट रहे थे। परिजनों के अनुसार वे सुबह करीब 7.30 बजे बोरखेड़ा गए थे, जहां उनकी चक्की और फाउंडेशन का काम चल रहा था। रात करीब 9 बजे गांव से निकलने के बाद वे घर नहीं पहुंचे। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने रास्ते में उनका शव देखा। बाइक घटनास्थल के पास ही पड़ी थी, जबकि रूमसिंह का शव कुछ दूरी पर मिला। सिर और गर्दन में गंभीर चोट के निशान थे। सूचना मिलते ही बोरखेड़ा और सरपंच टांडा से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पिपलौद और छैगांवमाखन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।

स्निफर डॉग लाखा टांडा पहुंचा, पांच लोग हिरासत में

पुलिस ने डॉग स्क्वाड की मदद से हमलावरों के संभावित रास्ते की तलाश की। स्निफर डॉग घटनास्थल से लाखा टांडा की ओर गया और वहां सुखलाल के घर में पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने लाखा के परिवार के पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की है। रात तक 20 से ज्यादा लोगों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

दो टांडों के बीच पुरानी रंजिश की भी जांच

पुलिस जांच में सरपंच टांडा और लाखा टांडा के बीच चली आ रही कथित रंजिश भी सामने आई है। बताया गया है कि आमाखुजरी के जंगल में अतिक्रमण के मामले में वन विभाग ने लाखा सिंह और उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की थी। मृतक के परिवार का दावा है कि लाखा पक्ष को संदेह था कि रूमसिंह ने इस कार्रवाई में विभाग का साथ दिया था। पुलिस इस बिंदु की भी जांच कर रही है।

जनसुनवाई में शिकायतों के बाद गांव में बढ़ा था तनाव

बोरखेड़ा पंचायत को लेकर हाल में जनसुनवाई में शिकायतों का दौर चला था। एक पक्ष ने सरपंच के खिलाफ शिकायत की थी। इसके जवाब में सरपंच पक्ष की ओर से भी शिकायतों को निराधार बताते हुए आवेदन दिया गया। इसके कुछ समय बाद दूसरे पक्ष ने फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर सरपंच के खिलाफ शिकायत की थी। इसके बाद गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनने की बात सामने आई है।

दो दिन से मिल रही थी हत्या की धमकी

मृतक के साले संतोष जमरे ने आरोप लगाया कि रूमसिंह को दो दिन से हत्या की धमकियां मिल रही थीं। उनका कहना है कि आगामी सरपंच चुनाव में रूमसिंह के खड़े नहीं होने देने के लिए उन्हें डराया-धमकाया जा रहा था। परिजनों ने आशंका जताई कि इसी रंजिश में हत्या की गई। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की पहचान पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

रंजिश, सरपंच चुनाव और शिकायतों को जांच में शामिल किया

एसपी अगम जैन ने बताया कि हत्या से जुडे हर पहलू की जांच की जा रही है। रंजिश, आगामी सरपंच चुनाव, हाल में हुई शिकायतों सहित अन्य बिंदुओं को जांच में लिया है। अंधे कत्ल का खुलासा करने के लिए पांच पुलिस टीमें लगाई गई हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों के साथ स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।