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सिंहस्थ की तैयारी में ओंकारेश्वर में चला बुलडोजर, 50 कमरों वाली सोनी धर्मशाला जमींदोज

सिंहस्थ की तैयारी, बुलडोजर कार्रवाई.... -24 घंटे का अंतिम नोटिस... दो दिन की मोहलत मांगी तो भी नहीं मिली राहत -धर्मशाला प्रबंधन ने उठाए कार्रवाई पर सवाल, कहा -हम खुद हटा रहे थे, मौका भी नहीं दिया
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खंडवा

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Manish Arora

Sep 10, 2026

Omkareshwar

ओंकारेश्वर. बुलडोजर से किया सोनी धर्मशाला को ध्वस्त।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के नाम पर ओंकारेश्वर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने बुधवार को बड़ा रूप ले लिया। सुबह 9 बजे प्रशासनिक अमला पुलिस बल और नगर परिषद की टीम के साथ ब्रह्मपुरी पहुंचा और करीब 12 हजार वर्गफीट में बनी सोनी धर्मशाला को देखते ही देखते बुलडोजर से जमींदोज कर दिया। धर्मशाला में करीब 50 कमरे बताए जा रहे हैं।

कार्रवाई से मचा हडक़ंप

कार्रवाई में तहसील कार्यालय की टीम के साथ पटवारी, आरआई, कोटवार, पुलिस प्रशासन और नगर परिषद का अमला मौजूद रहा। प्रशासन की कार्रवाई से मौके पर हडक़ंप मच गया। सिंहस्थ 2028 में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन द्वारा तीर्थनगरी में अतिक्रमण हटाने की मुहिम चलाई जा रही है, लेकिन इस कार्रवाई के तरीके को लेकर धर्मशाला प्रबंधन ने सवाल खड़े किए हैं।

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24 घंटे का नोटिस, फिर बुलडोजर

नगर परिषद की ओर से सोनी धर्मशाला के व्यवस्थापक के नाम अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद 1 सितंबर को 24 घंटे में अतिक्रमण हटाने का अंतिम नोटिस दिया गया। प्रशासन ने इसके बाद कार्रवाई की। धर्मशाला प्रबंधन का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद उन्होंने एसडीएम और नगर परिषद को लिखित आवेदन देकर दो दिन की मोहलत मांगी थी। प्रबंधन के मुताबिक धर्मशाला को स्वयं हटाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई थी।

प्रबंधन का दावा—8.52 लाख में खुद तुड़वाने का ठेका

धर्मशाला मैनेजर शिवशंकर चौरे ने बताया कि धर्मशाला को अपने खर्चे पर हटाने के लिए 8.52 लाख रुपए में ठेका दे दिया गया था। ठेकेदार को गुरुवार से काम शुरू करना था। पहले धर्मशाला में रखा सामान निकालने की योजना थी, लेकिन प्रशासन ने दो दिन की मोहलत देने के बजाय बुधवार को ही बुलडोजर चला दिया।

बड़ा सवाल—कार्रवाई की रफ्तार इतनी तेज क्यों?

सिंहस्थ की तैयारियों के लिए अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जरूरत हो सकती है, लेकिन सवाल यह है कि जिस भवन को प्रबंधन अपने खर्च पर हटाने की तैयारी कर चुका था, उसे प्रशासन ने स्वयं बुलडोजर चलाकर क्यों तोड़ा? क्या दो दिन की मोहलत देने से प्रशासन की तैयारी प्रभावित हो जाती? क्या धर्मशाला में रखा सामान निकालने के लिए भी पर्याप्त समय नहीं दिया जा सकता था?

अब आगे और चलेगा पीला पंजा

ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 को लेकर आने वाले समय में बड़े पैमाने पर निर्माण और व्यवस्थाओं की तैयारी प्रस्तावित है। इसके लिए रास्तों, घाटों, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। सोनी धर्मशाला पर चला बुलडोजर इस मुहिम की शुरुआत भर है या आने वाले दिनों में तीर्थनगरी के अन्य बड़े निर्माण भी इसकी जद में आएंगे, इस पर सबकी नजर है।