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नगर निगम : ट्रांसपोर्ट नगर में 65 भूखंडों को नहीं मिल रहे खरीदार…20 करोड़ की आय फील्ड में अटकी

नगर निगम के आय वाले प्रोजेक्ट तीन साल से कागजों में उलझे हुए हैं। अधिकारियों की शिथिलता के चलते निगम की करोड़ों की आय फील्ड में अटकी हुई है। एमआईसी के इस कार्यकाल में तीन से अधिक नए प्रोजेक्ट अभी फाइनल नहीं हो सके हैं। कोई टेंडर में तो कोई नियमों के पेंच में फंस गया है।
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खंडवा

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Rajesh Patel

Sep 09, 2026

Municipal Corporation Khandwa

Municipal Corporation Khandwa

नगर निगम के आय वाले प्रोजेक्ट तीन साल से कागजों में उलझे हुए हैं। अधिकारियों की शिथिलता के चलते निगम की करोड़ों की आय फील्ड में अटकी हुई है। एमआईसी के इस कार्यकाल में तीन से अधिक नए प्रोजेक्ट अभी फाइनल नहीं हो सके हैं। कोई टेंडर में तो कोई नियमों के पेंच में फंस गया है।

तीन योजनाएं अधूरी, खंडहर हो रहीं दुकानें

नगर निगम के तीन नए प्रोजेक्ट कागजी प्रक्रिया के साथ नियमों और फैसले में उलझे हुए हैं। ट्रांसपोर्टर नगर में भूखंडों के टेंडर नहीं आ रहे हैं। तो स्टेडियम की दुकानों की कीमत तय निगम तय नहीं कर सका है। कुछ प्रोजेक्टों का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका। यही नहीं नवचंडी मंदिर परिसर में निगम का फूड जोन नियमों के पेंच में फंस गया है। इसका सीधा असर निगम की करोड़ों रुपए की प्रस्तावित आय पर पड़ रहा है। इसके अलावा नगर निगम की दो प्रोजेक्ट पुराने हैं। जिसमें दुकानें तिल-तिल कर खंडहर में तब्दील हो रही हैं।

नवीन ट्रांसपोर्ट नगर : 65 भूखंडों के नहीं आए टेंडर

नवीन ट्रांसपोर्ट नगर में भूखंड बेचने की प्रक्रिया दो साल से चल रही है। निगम ने शेष 105 भूखंडों के लिए एक साथ टेंडर लगाए थे। दो सितंबर को टेंडर खोले गए। इनमें केवल 40 भूखंडों के लिए टेंडर आए। 65 भूखंड अब भी खाली रह गए। यहां कुल 313 भूखंड हैं। 113 भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया चल रही है, जबकि 97 भूखंड आरक्षित हैं। प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपए खर्च हो चुके हैं। निगम को इससे करीब 20 करोड़ रुपए की आय प्रस्तावित है।

स्टेडियम की दुकानें : 3 माह से कीमत तय नहीं कर सका निगम

स्टेडियम परिसर में निगम की 16 दुकानें बनकर तैयार हैं। लेकिन तीन माह बाद भी इनकी नीलामी की कीमत तय नहीं हो सकी है। ढाई करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट में स्टेडियम, नाला और दुकानों का निर्माण कराया गया है। पहले दुकानों की कीमत करीब 19 लाख रुपए प्रस्तावित की गई थी। एमआईसी ने इसे मंजूरी नहीं दी। वास्तविक लागत के आधार पर नई कीमत तय करने की प्रक्रिया चल रही है। करीब 13.50 लाख रुपए तक दर प्रस्तावित करने पर विचार हो रहा है।

फूड जोन : नियमों के पेंच में फंसी योजना, सामग्री जर्जर

नवचंडी मंदिर परिसर में प्रस्तावित फूड जोन का प्रोजेक्ट भी अटक गया है। करीब 1.05 करोड़ रुपए की योजना कानूनी विवाद में पहुंच गई। निर्माण पर रोक लगने के बाद काम बंद हो गया। स्थल पर बनी दस से अधिक दुकानों का ढांचा अब जर्जर होने लगा है। मंदिर के पुजारी बाबा गंगाराम और निगम के बीच विवाद के कारण योजना आगे नहीं बढ़ सकी।

घासपुरा और मंडी की दुकानें भी बेकार

घासपुरा क्षेत्र में निगम ने 20 से अधिक दुकानें बनाई गईं हैंञ अधिकतर दुकानें खंडहर में तब्दील हो रहीं हैं। आज तक संचालित नहीं हो सकीं। मंडी क्षेत्र में महिला मार्केट के पास भी 14 से अधिक दुकानों का निर्माण हुआ। यहां भी दुकानें उपयोग में नहीं आ सकीं। लंबे समय से बंद पड़े ये निर्माण अब धीरे-धीरे खंडहर जैसे होते जा रहे हैं।

फैक्ट फाइल

65 ट्रांसपोर्टर नगर में भूखंडों के नहीं आए टेंडर।

16 स्टेडियम की दुकानें तैयार, अभी तक कीमत तय नहीं।

20 से अधिक दुकानें घासपुरा में हो रही खंडहर ।

14 से अधिक दुकानें मंडी क्षेत्र में अनुपयोगी ।

20 करोड़ रुपए आय ट्रांसपोर्ट नगर से प्रस्तावित।

इनका कहना : प्रकाश राजपूत, प्रभारी, बाजार अधिकारी

ट्रांसपोर्टर नगर में 105 भूखंडों का टेंडर कॉल किया गया था। दो सितंबर को टेंडर खुला है। 40 टेंडर आए हुए हैं। शेष भूखंडों के लिए फिर से टेंडर कॉल करने की तैयारी है।