
खंडवा : प्रदेश के ट्राइबल मंत्री डॉ विजय शाह के विधानसभा क्षेत्र के बंदी रैयत में स्थित स्कूल जाने का रास्ता और किराए के भवन में शिक्षा ग्रहण करते बच्चे।
जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री के हरसूद विधान सभा क्षेत्र में शिक्षक दो साल से किराए के भवन में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। आजादी के बाद भी जहां सड़क नहीं पहुंची और वहां हजारे ज्ञान की ज्योति जला रहे हैं। हैरानी की बात तो यह क्षेत्र के प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ विजय शाह का है। ऐसे कई स्कूल हैं जहां पहुंच मार्ग नहीं है। लेकिन हमारे शिक्षक संघर्ष कर स्कूल पहुंच रहे हैं।
सुबह कीचड़ में पहला कदम रखते ही संघर्ष शुरू हो जाता है। रास्ता मुश्किल है, लेकिन शिक्षक का इरादा उससे भी मजबूत। जंगल के सुनसान रास्ते के बीच 6 किमी की पगडंडी। पहाड़ी की 200 मीटर चढ़ाई और फिर 300 मीटर उतराई। बरसात में यही सफर फिसलन और कीचड़ से भर जाता है। जूते धंसते हैं। कपड़े भीगते हैं। कई बार पैर फिसलते हैं। फिर भी कदम स्कूल की ओर बढ़ते हैं। जी हां, शिक्षक दिवस पर हम बात कर रहे हैं आदिवासी बहुल खालवा क्षेत्र के बंदी रैयत ( केकड़िया ) प्राथमिक स्कूल में शिक्षक ऊषा काजले और रामप्रसाद सिलाने की।
जिला मुख्यालय से 90 किमी दूर स्थित स्कूल की इमारत दो साल पहले ढह गई है। गांव में ही दो हजार रुपए के किराए के भवन में 43 बच्चों की क्लास लग रही। यहां हेडमास्टर ऊषा काजले और रामप्रसाद सिलाले वर्ष 2023 से पढ़ा रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं के इंतजार के बीच दोनों शिक्षक ज्ञान की ज्योति जला रहे हैं। सरपंच परशुराम काजले का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए दो बार मंत्री विजय शाह से मिले। कलेक्टर और पंचायत अधिकारियों को आवेदन दिया। बावजूद इसके समस्या दूर नहीं हुई। स्कूल का नया भवन प्रस्तावित है। जल्द निर्माण होगा।
बंदी रैयत की आबादी करीब 600 है। गांव तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए चुनौती है। मुख्य मार्ग से 5 किमी 100 मीटर पगडंडी ही सहारा है। बारिश में रास्ता कीचड़ से भर जाता है। पहाड़ी चढ़ाई और उतराई सफर मुश्किल बनाती है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना भी परेशानी भरा होता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। स्कूल भवन ढहने के बाद किराए के भवन में कक्षाएं लग रही हैं। पेयजल के लिए नल-जल व्यवस्था है, लेकिन हैंडपंप का जलस्तर नीचे जाने से वह भी जवाब दे देता है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बन जाए तो गांव की कई समस्याएं एक साथ कम हो सकती हैं।
जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह के क्षेत्र में आज भी कई ग्राम पहुंच मार्ग विहीन हैं। बंदी रैयत ग्राम में पांच किमी मार्ग कीचड़ युक्त है। ग्रामीणों को मुख्य मार्ग पर कच्चे मार्ग से पहुंचना पड़ता है। जबकि विजय शाह 22 साल से कैबिनेट मंत्री और 36 साल से हरसूद विस के विधायक हैं।
Updated on:
5 Sep 2026, 12:06 PM IST
Published on:
5 Sep 2026, 12:06 PM IST
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