
खंडवा. छडिय़ों को निहारने बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
वाल्मीकि समाज के आराध्य जाहरवीर गोगादेव जी का जन्मोत्सव भादौ कृष्ण की नवमी पर गोगा नवमीं के रूप में मनाया गया। गोगाजी महाराज की छडिय़ों में सनातन धर्म संस्कृति की झलक देखने को मिला। शनिवार शाम को शहर के 15 स्थानों से गोगाजी महाराज के निशान निकाले गए। छडिय़ों का कारवा शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से शुरू हुआ और रात 12 बजे बांबे बाजार में चल समारोह के रूप में बदल गया।
गोगा नवमी पर शनिवार शाम 6 बजे गांधी नगर से छड़ी निकाली गई। इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों से छडिय़ों के निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। छडिय़ों को कलाकारों द्वारा आकर्षक रूप दिया गया था। छडिय़ों की सजावट में बद्रीनाथ धाम, श्री राम दरबार, दादाजी दरबार, मां दुर्गा, मां काली, भगवान शिव, मंदिर वाले बाबा, जय हिंदू राष्ट्र सहित सनातन धर्म की विभिन्न झलक दिखाई गई। गांधी नगर से निकली तीन छडिय़ों का कारवा इमलीपुरा, बड़ाबम होते हुए बांबे बाजार पहुंचा। इमलीपुरा में मुस्लिम समाज ने छडिय़ों का स्वागत किया। इसके साथ ही बड़ाबम जवाहर गंज से दो, घासपुरा से भी अलग-अलग स्थानों से छडिय़ां निकाली गई। छडिय़ों को निहारने बड़ी संख्या में समाजजन सहित सर्व समाज के लोग बैठे रहे।
गोगा नवमी पर निकाली गई छडिय़ों में शामिल वाल्मीकि समाज के वरिष्ठजनों, भगत, खलीफाओं का जगह-जगह स्वागत किया गया। समाज के वरिष्ठ दिवंगत नेता रमेश सुनगत की स्मृति में केवलराम चौराहा पर राजू सुनगत मित्र मंडल द्वारा छडिय़ों का सम्मान किया गया। बांबे बाजार में जीवन डिंडोरे मित्र मंडल के मंच पर उज्जैन के प्रसिद्ध गायक शनि अलबेला द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई।
केवलराम चौराहा, बांबे बाजार, घंटाघर, निगम चौराहा सहित विभिन्न स्थानों पर छडिय़ों का स्वागत किया गया। भाजपा, कांग्रेस सहित समाजसेवी संगठनों ने छडिय़़ों की पूजा अर्चना कर खलीफाओं, भगतों व वरिष्ठजनों का स्वागत, सम्मान किया। देर रात दूध तलाई स्थित गोगादेव मंदिर गोगा मेढ़ी पर दर्शन के बाद पूजा अर्चना के साथ दो माह से चल रहे गोगानवमी पर्व का समापन हुआ। छडिय़ों के चल समारोह में पूरे समय पुलिस बल सतर्क रहा।
Updated on:
06 Sept 2026 12:02 pm
Published on:
06 Sept 2026 12:02 pm
