
वैशाली जी मार्ट से खरीदे गए सोयाबीन खाद्य तेल में बदबू आने की शिकायत पर शुक्रवार को खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा यहां से सोयाबीन तेल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए है। वहीं, एनालॉग पनीर को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश के बावजूद जिले में डेयरी प्रोडेक्टस को लेकर कार्रवाई रुकी हुई है। जिले में प्रतिदिन करीब 200 किलो पनीर की खपत बताई जा रही है।
हरिगंज निवासी सचिन बाहेती ने दो दिन पूर्व बड़ाबम स्थित वैशाली जी मार्ट से खंडवा फ्रेश कंपनी का सोयाबीन खाद्य तेल का पाउच खरीदा था। जब उपयोग के लिए सोयाबीन खाद्य तेल का पाउच खोला तो उसमें पॉम ऑयल जैसी बदबू आ रही थी। सचिन बाहेती ने इसकी शिकायत कंपनी से भी की, लेकिन कंपनी संचालकों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद बाहेती ने खाद्य एवं औषधि विभाग में शिकायत की। शिकायत पर शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी राधेश्याम गोले और खाद्य निरीक्षक मयूरी डोंगरे मार्ट पहुंचे और खंडवा फ्रेश ऑयल के चार सैंपल कलेक्ट किए।
आगामी दिनों रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गोगा नवमी, ईद मिलादुन्नबी जैसे पर्व आ रहे है। पर्वों के दौरान जिले में पनीर, मावा, घी, दूध की खपत भी बढ़ जाती है। आम दिनों में भी पनीर की खपत करीब 200 किलो रोज की हो रही है। प्रदेशभर में एनालॉग पनीर और अमानक डेयरी प्रोडेक्टस को लेकर हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए है। आदेश के बाद दो दिन तो एनालॉग पनीर की आशंका में खाद्य एवं औषधि विभाग ने कार्रवाई की, लेकिन इसके बाद जांच बंद हो गई।
त्योहारों पर तो पनीर की खपत होती ही है, प्रतिदिन होटलों में सबसे ज्यादा पनीर सप्लाय हो रहा है। होटलों में परोसी जाने वाली सबसे ज्यादा डिश भी पनीर की ही होती है। ऐसे में एनालॉग पनीर के खंडवा में आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। खाद्य एवं औषधि विभाग ने त्योहारों को लेकर अब तक जांच कार्रवाई शुरू नहीं की है। सिर्फ शिकायतों पर ही सैंपल लिए जाने की कार्रवाई हो रही है। तीन दिन पूर्व भी रिलायंस स्मार्ट मार्ट में खराब, फफूंद वाले अमूल मक्खन की शिकायत पर सैंपल लेने की कार्रवाई की थी।
शिकायत पर वैशाली जी मार्ट से खंडवा फ्रेश ऑयल के सैंपल लिए गए है। पनीर के पूर्व में 7 सैंपल लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है। खंडवा जिले में दूध का उत्पादन बहुत होता है, इसलिए यहां एनालॉग पनीर बिक्री की संभावना नहीं है।
राधेश्याम गोले, खाद्य सुरक्षा अधिकारी