मध्यप्रदेश के खंडवा जंक्शन पर सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। पुष्पक सुपरफास्ट में बम की अफवाह के बाद भी यहां सर्तकर्ता नहीं बरती जा रही है।
खंडवा. त्योहारी सीजन में संवेदनशील खंडवा के रेलवे जंक्शन की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। प्रवेश द्वार पर लगे मेटल डिटेक्टर बंद है तो प्वाइंट से सुरक्षाकर्मी गायब रहते हैं।
रेलवे स्टेशन के प्वाइंट पर पुलिसकर्मी अपना डंडा छोड़कर गायब हो जाते हैं। इस डंडे को देख लगता है जैसे जंक्शन की सुरक्षा का दारोमदार उस डंडे पर ही हो। सुरक्षा में लापरवाही तब बरती जा रही है जब रेलवे स्टेशन से रोजाना २५ हजार से अधिक यात्री सफर कर रहे हैं। ऐसे में असामाजिक तत्व जंक्शन की सुरक्षा में सेंध लगा सकते हैं। त्योहारों और यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेल पुलिस को जंक्शन की सुरक्षा को मुस्तैद करने की जरूरत है। ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मेटल डिटेक्टर बंद, सुरक्षा कोसों दूर
रेलवे स्टेशन पर दोपहर करीब २.३० बजे। प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर बंद थे। प्वाइंट से सुरक्षाकर्मी गायब। प्वाइंट की टेबल पर डंडा रखा था। आसपास कोई जवान नजर नहीं आया। रिजर्वेशन के लिए यात्रियों की भीड़ थी। प्लेटफॉर्म पर पहुंचे तो सुरक्षा नजर नहीं आई। प्लेटफॉर्म दो पर रखे सहायता बूथ से भी सुरक्षाकर्मी गायब थे। जीआरपी के सीसीटीवी कैमरा कक्ष में बाहर से कुंडी लगी थी। कैमरों की निगरानी के लिए भी कोई जिम्मेदार दिखाई नहीं दिया। जंक्शन सुरक्षा के इंतजामों की हालत देखे तो कोई भी असामाजिक तत्व वारदात को अंजाम देकर फरार हो सकता है।
चारों तरफ से खुला है स्टेशन परिसर
खंडवा रेलवे जंक्शन परिसर चारों तरफ से खुला है। स्टेशन परिसर में कोई भी कहीं से भी घुसपैठ कर सकता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से रेल पुलिस को सुरक्षा के इंतजाम मुस्तैद करने की जरूरत है। गौरतलब है कि खंडवा जेल ब्रेककांड के बाद सिमी गुर्गे भी स्टेशन के रास्ते ही फरार हुए थे। इसके अलावा शहर में वारदातों को अंजाम देकर कई बदमाश स्टेशन से ट्रेन पकड़कर फरार हो चुके हैं।
लापरवाही पर कार्रवाई करेंगे
- जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए १२ पुलिस अधिकारी व जवान तैनात किए हैं। वहीं कैमरों से निगरानी की जा रही है। यदि ड्यूटी में लापरवाही बरती जा रही है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार रात को भी प्वाइंट से गायब पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की है। - मोहन सिंह सिंगोरे, टीआई, जीआरपी