शहर के सूरजकुंड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाने का विरोध जारी है। एक तरफ जेसीबी से मकानों को ढहाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि बिना नोटिस व नपती के कार्रवाई की जा रही है। नजूल की जमीन होने के बाद भी रेलवे अधिकारी मनमानी कर उनका आशियाना छीन रहे हैं।
चर्च के पीछे राजधानी कॉलोनी से लगे एरिया में रेलवे की जमीन पर बने मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शनिवार भी जारी रही। दोपहर में रेलवे के अधिकारी यहां जेसीबी से पहुंचे थे। दोपहर करीब चार बजे तक छोटे-बड़े करीब 24 मकानों को तोड़ा गया। यहां अभी इतनी ही ओर मकान भी बने हुए हैं। इसके साथ ही सड़क दूसरी तरफ दरगाह के पीछे बने मकानों को भी तोड़ा जाएगा। इसकी तैयारी भी की गई है। बता दें की इस क्षेत्र में चार अलग-अलग बस्ती हैं, जिन्हें रेलवे ने चिन्हित किया है। इन सभी को रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बसाया जाना दर्शाया है। अब तक 100 से अधिक मकानों को तोड़ा गया है।
चर्च के पीछे नाले किनारे अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ ऐसे भी मकान मिले जो किसी बंगले से कम नहीं थी। 12 कमरे, 60 फीट में बगीचा बनाकर कुछ लोगों ने यहां कब्जा कर रखा था। जेसीबी से इन सभी मकानों को तोड़ा गया। कार्रवाई दोपहर से शुरू होकर शाम तक चलती रही। इस दौरान लोग अपने टूटते मकानों का वीडियो बनाते रहे।
बुद्ध नगर में घर खाली करने में लगी महिलाओं का कहना है कि हमारे सुनने वाला कोई नहीं हैं। रेलवे व राजस्व के अमले ने राजधानी कॉलोनी की बाउंड्रीवाल तक ही नपती की। सूरजकुंड स्कूल के पीछे बुद्ध नगर में तो एक भी अधिकारी नपती नहीं करने आया, यह इसलिए की यह नजूल की जमीन है। न ही किसी को नोटिस दिए हैं। अधिकारियों ने आज आकर कहा कि रविवार तक मकान खाली कर दो। सोमवार से तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने कहा कि यहां बरसों से रह रहे हैं। रेलवे मनमानी कर उन्हें हटा रहा है। अब तो नेताओं ने भी उनसे मुंह फेर लिया। कोर्ट से उम्मीद थी लेकिन दो दिन का अवकाश है। इसी का फायदा उठाकर अधिकारी उनके मकान तोड़ रहे हैं। हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अब खुद ही मकान खाली कर रहे हैं। जिससे की सामान का नुकसान न हो।