स्वीमिंग पूल...रेत की गुणवत्ता को ठीक करने सहित निर्माण को लेकर गंभीरता बरतने के निर्देश।
खंडवा. सिविल लाइन क्षेत्र में स्वीमिंग पूल निर्माण के काम में रेत की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। साथ ही साइट में खुदाई करने से पीचिंग खुलने व पानी रिसने से पुराना स्ट्रक्चर (ढांचा) धंसने की आशंका व्यक्त की है। निगम अफसरों ने संबंधित कांट्रेक्टर को सुधार के निर्देश दिए हैं। स्वीमिंग पूल पर दर्शक दीर्घा के लिए स्टेप्स बनाने के लिए ढांचा तैयार किया जा रहा है। निगम के कार्यपालन यंत्री ईश्वरसिंह चंदेली, इंजीनियर दिलीप मालवीय की मौजूदगी में कंसलटेंट विनय चौधरी, कांटे्रक्टर आदित्य सेठी के साथ यहां का निरीक्षण किया गया। नक्शे के आधार पर होने वाले निर्माण पर चर्चा की और इसके साथ ही यहां हो रहे काम की गुणवत्ता को भी देखा।
ताप्ती की रेत या बालू रेत से करो काम
निगम इंजीनियर व कंसलटेंट द्वारा रेत में मिट्टी की मात्रा अधिक बताए जाने पर कार्यपालन यंत्री ने कांट्रेक्टर को कहा कि या तो ताप्ती की रेत का उपयोग करो या फिर बालू रेत से काम करो। कांट्रेक्टर ने सुधार की बात कही। इधर, ईंटों की जुड़ाई में भी मानक स्तर का ध्यान रखने के लिए कहा गया है।
पीचिंग के पास मिट्टी हटने से दिखा पिलर
नर्सरी की ओर जो ढांचा बना है, उस तरफ कांट्रेक्टर द्वारा निर्माण के लिए खुदाई कराई गई है लेकिन यहां पीचिंग की मिट्टी हटने से पिलर नजर आने लगा है और ये एक बड़ा अंदेशा पैदा कर रहा है। कांट्रेक्टर ने निगम अफसरों व कंसलटेंट का ध्यान इस तरफ आकर्षित कराया।
पांच साल पहले जनभागीदारी से जुटाई थी राशि
बता दें कि करीब पांच साल पहले स्वीमिंग पूल के लिए जनभागीदारी से राशि एकत्रित हुई थी, तब से लेकर अब तक इसकी लागत ढाई गुना तक हो गई है, जबकि काम हमेशा ही हिचकोले खाते हुए आगे बढ़ा है। जुलाई-२०१७ से फिर कवायद शुरू हुई है।
एक नजर में जानिए...
- अधूरे स्वीमिंग पूल की टाइल्स टूटी है पाइप भी चोक है।
- 2 मीटर है स्वीमिंग पूल की गहराई, 18 लाख लीटर पानी भरा जा सकता है।
- 4.34 करोड़ रुपए की लागत से होगा काम, 1.20 करोड़ की लागत से पांच साल पहले हुआ था काम।
- स्वीमिंग पूल की टाइल्स उखाड़कर यहां नए सिरे से काम कराने की भी कार्ययोजना बना रहा है निगम।
- कमियां दूर करने के निर्देश
स्वीमिंग पूल की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। निरीक्षण में कुछ कमियां पाई गईं हैं। इन्हें दूर करने के निर्देश कांट्रेक्टर को दिए हैं। पीचिंग की तरफ जल्द ही निर्माण करने के लिए कहा है ताकि कोई आशंका शेष न रहे।
ईश्वरसिंह चंदेली, कार्यपालन यंत्री, ननि