6 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्री-मानसून… खंडवा में 25 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी, दोपहर में तेज धूप

-सुबह से बदला मौसम, आसमान पर छाए बादल, हल्की बूंदाबांदी भी हुई -10 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, तेज हवा के साथ बारिश के भी आसार

2 min read
Google source verification

खंडवा

image

Manish Arora

Jun 06, 2026

Pre-monsoon

खंडवा. सुबह शहर में तेज धूलभरी आंधी चली।

मानसून के भारत में दस्तक देते ही प्री-मानूसन की गतिविधियां भी तेज हो गई है। शुक्रवार सुबह बादल भी छाए और 25 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा भी चली। कुछ देर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। दोपहर बाद मौसम साफ हुआ और धूप ने अपना असर दिखाया। दिन का तापमान स्थिर रहा, लेकिन रात के तापमान में एक डिग्री की बढ़ोत्तरी हुई। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री और न्यूनतम 24.0 डिग्री रहा।

आकाशीय बिजली की भी संभावना

जिला कृषि मौसम इकाई प्रभारी डॉ. सौरव गुप्ता ने बताया कि कम दबाव का क्षेत्र बनने से प्री-मानसून की गतिविधियां तेज हो गई है। जिसके चलते बादलों की आवाजाही भी रहेगी और तेज हवा भी चलेगी। इस दौरान आकाशीय बिजली की भी संभावना है। ऐसा मौसम आगामी 10 जून तक रहेगा। आगामी 11 जून से जिले में डायरेक्ट बारिश के आसार दिख रहे है, लेकिन मानूसन की एंट्री नहीं होगी। मानसून के लिए अभी इंतजार करना होगा। शुक्रवार को मौसम में नमी के परिसंचरण और तेज धूप के कारण उमस भी बढ़ी है।

पिछले 24 घंटों में 3.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज

पिछले चौबीस घंटों में जिले में 3.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में हरसूद तहसील में 6 मिमी, पुनासा में 10 मिमी तथा खालवा तहसील में 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि खंडवा और पंधाना तहसील में पिछले 24 घंटे में कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई है।

गत वर्ष से 0.2 मिमी ज्यादा बारिश

उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 5 जून तक 7.4 मिमी औसत वर्षा हो चुकी थी। जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 7.6 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। अब तक हरसूद में 14 मिमी, पुनासा में 20 मिमी तथा खालवा में 4 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। खंडवा और पंधाना तहसील में अभी तक कोई वर्षा दर्ज नहीं की गई है।

मानसून में अभी देरी

मानसून भले ही भारत में आ चुका है, लेकिन इसका मप्र में प्रवेश 12 से 15 जून के बीच होने की संभावना है। किसानों से अपील है कि प्री-मानसून की बारिश में बोवनी की गलती न करें। जब तक अच्छी बारिश न हो जाए और जमीन में पानी 9 इंच तक न चला जाए, तब तक बोवनी से बचे, क्योंकि असामान्य मानसून से यदि बारिश में देरी भी होती है तो भी जमीन में नमी के चलते फसलों को नुकसान नहीं होगा।
डॉ. सौरव गुप्ता, कृषि मौसम वैज्ञानिक