
खंडवा : पूर्व जिपं सदस्य रणधीर कैथवास
जिला पंचायत की टीम ने पांच साल से अधिक समय का फर्जीवाडा़ पकड़ा है। मनरेगा में फर्जीवाडा़ उजागर कर 91,994 रुपए की वसूली की तैयारी, मामले में तत्कालीन समय जिपं के पूर्व सदस्य व जपं के उपाध्यक्ष रणधीर कैथवास की पत्नी के खिलाफ प्रकरण कोर्ट में दर्ज कर सुनवाई शुरू किया है। जिपं पंचायत ने धारा 89 के तहत कार्रवाई शुरू की है।
जनप्रतिनिधि ने योजना का किया दुरुपयोग
जिले की ग्राम पंचायत गोकुलगांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत स्वीकृत पशुशेड निर्माण में गंभीर अनियमितता सामने आई है। जांच में पशुशेड के स्थान पर दो मंजिला दुकान का निर्माण पाया गया। मामले में पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रणधीर कैथवास की पत्नी प्रतिभा रणधीर कैथवास के विरुद्ध मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 के तहत जिला पंचायत न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया गया है।
जिपं की टीम के जांच में खुलासा, प्रकरण दर्ज
जिला पंचायत को मिली शिकायत के बाद सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने मामले की जांच कराई। जांच टीम में इंजीनियर रंजना दांगोरे, सहायक यंत्री गौरव रघुवंशी तथा मनरेगा के एपीओ को शामिल किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण का सत्यापन किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर पशुशेड बनाया जाना था, वहां दो मंजिला व्यावसायिक दुकान का निर्माण कर लिया गया है, जो योजना की शर्तों और शासकीय नियमों के विपरीत है।
जांच प्रतिवेदन में 91,994 रुपए की राशि वसूली योग्य
जांच प्रतिवेदन के अनुसार पशुशेड की स्वीकृत लागत 1,02,033 रुपए थी, जिसमें से 91,994 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। निर्माण निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप नहीं होने के कारण उक्त राशि की वसूली प्रतिभा रणधीर कैथवास से की जाएगी। फिलहाल उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब के परीक्षण के बाद वसूली और अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
50 से अधिक लंबित मामलों में सुनवाई शुरू
जिला पंचायत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रकरणों की सुनवाई भी तेज कर दी है। अधिकारियों के अनुसार पंचायतों से जुड़े 50 से अधिक लंबित मामलों में सरपंचों और सचिवों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर दोषियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायत का कहना है कि सरकारी योजनाओं में अनियमितता और राशि के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इनका कहना : जिपं सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया प्रकरण दर्ज किया गया है। संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार वसूली और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वैल्यू बॉक्स : क्या है पूरा मामला ?
ग्राम पंचायत गोकुलगांव का मामला।
मनरेगा से पशुशेड निर्माण स्वीकृत हुआ था।
स्वीकृत लागत 1,02,033 रुपए।
अब तक 91,994 रुपए का भुगतान।
जांच में पशुशेड की जगह दो मंजिला दुकान मिली।
धारा 89 के तहत जिला पंचायत न्यायालय में प्रकरण दर्ज।
संबंधित हितग्राही से 91,994 रुपए की वसूली प्रस्तावित।
जिला पंचायत ने 50 से अधिक लंबित पंचायत प्रकरणों की सुनवाई भी तेज की है।
Updated on:
22 Jul 2026 12:50 pm
Published on:
22 Jul 2026 12:38 pm
