जिले में जलस्तर 160-250 फीट तक नीचे खिसक गया है। इससे 10 से अधिक नल-जल परियोजनाएं और 2 हजार हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। 50 से अधिक पंचायतों में नल-जल परियोजनाओं में जलापूर्ति प्रभावित हो गया है। एक हजार करोड़ की परियोजनाएं जनता के लिए बेमानी साबित हो रही
जिले में जलस्तर 160-250 फीट तक नीचे खिसक गया है। इससे 10 से अधिक नल-जल परियोजनाएं और 2 हजार हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। 50 से अधिक पंचायतों में नल-जल परियोजनाओं में जलापूर्ति प्रभावित हो गया है। एक हजार करोड़ की परियोजनाएं जनता के लिए बेमानी साबित हो रही
45 डिग्री टेंपरेचर में जलस्रोत सूखने से 50 से अधिक पंचायतों में जल जीवन मिशन की जलापूर्ति परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। कई परियोजनाएं केवल एक से डेढ़ घंटे ही पानी दे रही हैं। जिले की 409 ग्राम पंचायतों में जलस्तर 160 से 200 फीट तक नीचे खिसक गया है। इसके चलते 2 हजार हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है, जिनमें 711 सरकारी हैंडपंप शामिल हैं। इनमें से 302 के जलस्रोत सूख गए हैं और 409 खराब होने से बंद हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के 2.31 लाख से अधिक लक्षित परिवारों को नल कनेक्शन दिए जाने थे, किंतु पांच साल बाद अभी भी दस हजार से अधिक परिवारों में पाइपलाइन तक नहीं बिछी है। प्रत्येक परिवार में पांच लोगों के औसत से 30 हजार लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग एक हजार करोड़ रुपए की लागत वाली जल जीवन मिशन की परियोजनाएं जनता के लिए बेमानी साबित हो रही हैं।
हरसूद के धनौरा, करौली गांव में नल-जल योजना की टंकी सूखी है। दोनों ग्रामों में पेयजल योजना की टंकी तीन साल से सूखी है। गांव के ही राहुल ने कलेक्टर, पीएचई को आवेदन दिया है। जिसमें कहा है कि पाइप लाइन नाली में डाल दी गई है। पंप आ तक चालू नहीं हुआ। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत में क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री शाह और उनके बेटे दिव्यादित्यशाह पर भी मनमानी का आरोप लगाया है।
खालवा के काला आम खुर्द पंचायत में तीन हजार आबादी में 50 दिन से पानी को तरस रही है। 45 डिग्री तापमान के बीच ग्रामीणों का कंठ सूख रहा है। गांव के बाहर एक गड्ढे में पंप में पानी के लिए भीड़ लगती है। ग्रामीणों को एक डिब्बे पानी के लिए घंटेभर मशक्कत करनी पड़ती है। पानी घर पहुंचने तक माथे पर पसीना आ जाता है। ट्यूबवेल में भी लाइन लगाने में पसीना छूट जाता है। भीषण गर्मी में बुजुर्ग महिलाएं घरेलू कामकाज छोड़कर पानी भरने को विवश हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
502 : जल जीवन मिशन की एक परियोजनाएं ।
477 : निर्माण कार्य पूर्ण ।
21 : निर्माणाधीन ।
04 : जलापूर्ति की टेस्टिंग ।
450 : पंचायतों को हस्तांतरित ।
2,31,822 ग्रामीण परिवारों में कनेक्शन का लक्ष्य
जल प्रदाय योजनाएं गांव लागत कार्य की स्थिति
रोशनी समूह जल प्रदाय 29 61.64 करोड़ पूर्ण का दावा
अपरवेदा जल समूह प्रदाय 35 246.97 करोड़ -प्रगति पर
इंदिरा सागर-जल प्रदाय 382 782.12 करोड़ - प्रगति पर
योजना ड्रॉप आउट, 17 गांव प्रभावित
खंडवा-बुरहानपुर के बीच 248 ग्रामों के लिए 1652. 93 करोड़ की परियोजना ड्रॉप आउट हो गई है। इसमें पंधाना ब्लाक के 13 ग्राम और हरसूद 4 ग्राम प्रभावित हो गए हैं। पीएचई ने इन ग्रामों के लिए प्रस्ताव भेजा है। अभी तक स्वीकृत नहीं हो सकी है।
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फैक्ट फाइल
हैंडपंप जलस्रोत सूखे बंद
बलड़ी 21 29
छैगांव मा 27 42
हरसूद 42 56
खालवा 62 85
खंडवा 31 43
पंधाना 84 105
पुनासा 35 49
कुल 302 409
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नोट : आंकड़े प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट से लिया गया है।
इनका कहना : वर्षा शिवपुरे, कार्य पालन यंत्री, पीएचई
-जलस्रोत सूखने पर निजी पंप अधिग्रहीत किए जा रहे हैं। हरसूद में 4 और पुनासा में एक ट्यूबेल अधिग्रहीत किया गया है। सूचना मिलने पर तत्काल पंचायतों से समन्वय स्थापित कर पेयजल की व्यवस्था कराई जा रही है। निर्माणाधीन परियोजनाएं जल्द पूर्ण होंगी।