-पति महाराष्ट्र में करता है मजदूरी, अकेली महिला खुद चल पड़ी, ग्रामीण महिलाओं ने तिरपाल की आड़ बनाकर कराई डिलीवरी
चिरिया (खरगोन). आदिवासी अंचल में सडक पर प्रसव होने का मामला सामने आया है. शनिवार को चिरिया क्षेत्र के ग्राम नहालदरी के पास अंबाबावड़ी से एक गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल जाने के लिए घर से निकली और एंबुलेंस बुलाने की जानकारी नहीं होने के चलते 12 किमी पैदल-पैदल चलती रही। जब दर्द असहनीय हो गया, तो महिला ने रोड किनारे ही बैठ गए।
दर्द से तड़पती महिला की हालत देखकर आसपास की महिलाएं मदद के लिए पहुंची और तिरपाल की आड़ बनाकर डिलीवरी कराई। महिला ने लड़के को जन्म दिया। ग्रामीणों की सूचना मिलने पर 108 जननी एक्सप्रेस पहुंची।
वाहन के पायलट धीरज वास्कले ने बताया कि सुरमा पति रमेश निवासी नांदिया टोपली से पैदल-पैदल नहालदरी से अंबाबावड़ी रास्ते तक करीबन 12 किलोमीटर पहुंच गई थी, जो दर्द के मारे उसने सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म दे दिया। वास्कले ने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर दिख रही है। उसके साथ कोई भी नहीं था। पति महाराष्ट्र में काम करता है।
ग्रामीणों की मदद से 108 वाहन पर सूचना दी तो हम मौके पर पहुंचे और उस महिला को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाएं जहां उसका उपचार चल रहा है ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर सुनील चौहान ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना के बाद ही वहां वाहन पहुंचा था। महिला अकेली थीं। इसलिए देरी हो सकती है, समय पर फोन आ जाता तो महिला को सुविधा मिल जाती।