मध्यप्रदेश के खरगोन में बड़वाह से 6 किमी दूर मनिहार के पास हुआ हादसा, पटरी के ज्वाइंट में लोहे का टुकड़ा फंसा देख चालक ने लगाए इमरजेंसी ब्रेक। सूत्रों के मुताबिक हादसे के पीछे साजिश की आशंका।

2 min read
Aug 02, 2017
Train accident, Sanawad-Mhow Passenger Train Derai
Train accident, Sanawad-Mhow Passenger Train Derail

खरगोन/बड़वाह.महू से सनावद के लिए रवाना हुई मीटरगेज लाइनकी पैसेंजर मंगलवार शाम बड़वाह से करीब 6 किमीदूर स्थित ग्राम मनिहार के पास ट्रैक से उतर गई। ट्रेनमें सवार सभी यात्री सुरक्षित है। जानकारी के अनुसार गाड़ी नंबर 52973 महू-सनावद पैसेंजर सनावद की ओर जा रही थी। तभी शाम करीब 5 बजे मनिहार ग्राम के पास ट्रैक के ज्वाइंट में ट्रेन ड्राइवर को लोहे का टुकड़ा फंसा नजर आया। लोहे का टुकड़ा देख ड्राइवर ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए। ब्रेक लगने से पैसेंजर ट्रैक पर करीब 270 मीटर तक घिसटती गई। तभी इंजन के दो पहिए पटरी से उतर गए। अचानक ब्रेक लगने से पैसेंजर में सवार यात्रियों में हड़कंप मच गया। गाड़ी रुकी तो यात्रियों ने राहत की सांस ली।

ज्वाइंटमें फंसे टुकड़े की जांच शुरू

पैसेंजर के बेपटरी होने की खबर लगते ही रेल महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत रेल अधिकारी घटना स्थल के लिए रवाना हुए। वहीं मामले की सूचना पर एसडीओपी मानसिंह ठाकुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रेन ड्राइवर खान से दुर्घटना की जानकारी ली। वहीं लोहे के टुकड़ा फंसा होने वाले ज्वाइंट को देखा। इधर, रेल अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रेलवे और पुलिस टीम ट्रैक के ज्वाइंट में लोहे का टुकड़ा कैसे आया,इसकी जांच में जुट गई।

...तोहो सकता बड़ा हादसा

पटरी के ज्वाइंट में फंसा लोहे केटुकड़े पर समय रहते ट्रेन चालक की नजर नहीं पड़ती तो बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत है कि ट्रेन चालक एमके खान की सतर्कता व सूझबूझ से एक बड़ा हादसा होते होते बच गया। इधर,हादसे के बाद ट्रेन से उतरे यात्री बसों के सहारे अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। वहीं ट्रैक चालूकरने के लिए महू से इंजन बुलाया गया। शाम करीब 6 बजे महू से इंजन पहुंचा। जिसकी मदद से पैसेंजर को सनावद पहुंचाया गया।

कहींसोची समझी साजिश तो नहीं!

रेलवे ट्रैक पर लोहे के टुकड़े फंसाने और अन्य छेड़छाड़ करने जैसी वारदात सामने आ रही है। कुछ दिनों पहले इटारसी जंक्शन के ब्रॉडगेज लाइन पर भी पटरी के ज्वाइंट में प्लेट का टुकड़ा फंसा मिला था। ठीक इसी प्रकार मीटरगेज लाइन पर ज्वाइंट मेंलो हे का टुकड़ा फंसा होने से पैसेंजर हादसे का शिकार होते-होते बच गई। लगातार ऐसे मामले सामने आने से संदेह बना हुआ है कि कहीं ये सोची समझी साजिश तो नहीं। कोई असामाजिक तत्व ट्रेनों को हादसों का शिकारबना ने की कोशिश तो नहीं कर रहा है। मामलों की जांच रेलवे और पुलिस को गंभीर से करने की जरूरत है।

Published on:
02 Aug 2017 02:30 pm