खरगोन

महाराष्ट्र ट्रक हादसे में 13 मौतों का मामला : 500 लोगों की आबादी वाला पूरा गांव सदमे में, किसी घर में नहीं जला चूल्हा

अपनों का खोने का गम : 500 लोगों की आबादी वाले मेलखेड़ी के एक घर में भी नहीं जल रहा चूल्हा। राखी का त्योहार मनाने के लिए घर लौट रहे थे सभी मजदूर, पलभर में काफूर हो गई खुशियां।

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महाराष्ट्र ट्रक हादसे में 13 मौतों का मामला : 500 लोगों की आबादी वाला पूरा गांव सदमे में, किसी घर में नहीं जला चूल्हा

खरगोन/ महेश्वर. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की महेश्वर तहसील का छोटा सा ग्राम मेलखेड़ी। आबादी कोई 500। शुक्रवार सुबह तक इस काम में हर कोई अपने कामकाज में व्यस्त था। लेकिन जैसे ही महाराष्ट्र के बुलढाणा में हुई हादसे की खबर आई, तो हर कोई कांप उठा। तीन भाइयों के परिवार में चार बेटों की मौत से हर आंख नम है। परिजन की आंखों से आंसू नहीं रूक रहे। हादसे में किसी ने अपना बेटा, किसी ने भाई, तो किसी ने अपना पति खो दिया। इस कारण से गांव के एक भी घर में चूल्हा नहीं जला और ना ही किसी के गले से एक निवाला नीचे उतरा।

पूरी रात अपनों के इंतजार में गुजर गई और परिजन शोक मनाते रहे। उल्लेखनीय है कि, महाराष्ट्र के बुलढाण में सड़क हादसे में खरगोन और धार के 13 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इसमें महेश्वर तहसील के आठ मजदूर भी शामिल हैं। ये सभी पिछले महीने से बाबा साहेब समृद्धि हाइवे के निर्माण में मजदूरी पर लगे हुए थे। जहां शुक्रवार को हादसे के चलते काल के गाल में समां गए। शनिवार दोपहर में इनका पीएम जालना अस्पताल में हुआ। तीन बजे के लगभगर शवों को अलग-अलग एंबुलेंस में रखकर नायब तहसीलदार अनिल मोरे व परिजन रवाना हुए। रविवार को सभी का अंतिम संस्कार कारम नदी किनारे कर दिया गया है।


तीन भाइयों के परिवार में चार बेटों की मौत

ग्रामीण मोहन गिरवाल ने बताया कि हादसे में तीन भाइयों के परिवार में चार बेटों की मौत हो गई। दीपक (21) और सुनील डावर (22) आपस में सगे भाई और गणेश डावर (20) और नारायण डावर (25) चचेरे भाईयों की मौत से हर कोई सहम गया। इनके साथ लक्ष्मण डावर (20) निवासी मोयदा, महेश कटारे (31) बबलाई , जितेंद्र मकवाने (19) मक्सी और देवराम ओसरे (21) काचीकुआं दुर्घटना के शिकार हुए हैं।

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Published on:
22 Aug 2021 12:17 pm