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Khargone News: कंधे पर कांवड़ रखकर 400 किमी दौड़कर पूरा करेंगे यात्रा, निकली युवाओं की टोली

Kanwar Yatra News: सावन में शिवभक्ति का अनोखा रंग देखने को मिला, जब खरगोन के बमनाला से युवा 400 किलोमीटर की डाक कावड़ लेकर त्र्यंबकेश्वर रवाना हुए। 36 घंटे में यात्रा पूरी होगी।
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खरगोन

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Akash Dewani

Aug 09, 2026

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Dak Kanwar Yatra: कंधे पर कांवड़ रखकर 400 किमी दौड़कर पूरा करेंगे यात्रा (फोटो सोर्स- Patrika)

Trimbakeshwar Jyotirlinga: सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का रंग हर ओर दिखाई दे रहा है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक के साथ भक्त शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। पवित्र नदियों से जल लाकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने के लिए जगह-जगह से कावड़ यात्राएं (Kanwar Yatra) भी निकाली जा रही हैं। इसी आस्था और भक्ति के क्रम में मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बमनाला से महाराष्ट्र के नाशिक जिले में स्थित ज्योतिर्लिंग त्र्यंबकेश्वर के लिए डाक कावड़ यात्रा रवाना हुई। यात्रा में शामिल कावड़िए भगवान शिव का जयघोष करते हुए करीब 400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे।

14 सालों से चल रही परंपरा

डाक कावड़ यात्रा की खासियत यह है कि इसमें कावड़िए निर्धारित समय में दौड़ लगाते हुए यात्रा पूरी करते हैं। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए है। पिछले करीब 14 वर्षों से यह डाक कावड़ यात्रा निकाली जा रही है। युवाओं में भगवान त्रयंबकेश्वर का जलाभिषेक करने को लेकर खासा उत्साह नजर आया। यात्रा के दौरान सडक सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कावडियों के आगे दो बाइक सवार चलते हैं, जो मार्ग पर यातायात की स्थिति पर नजर रखते हैं, ताकि सड़क दुर्घटना से बचा जा सके। युवाओं का कहना है कि डाक कावड़ यात्रा के माध्यम से शिवभक्ति के साथ स्वास्थ्य, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देना उद्देश्य है।

100 मीटर दौड़कर साथी को सौंपेंगे कावड़

कावडियों का जत्था शनिवार दोपहर करीब 12 बजे खरगोन शहर पहुंचा। यहां गायत्री मंदिर पर श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। यात्रा में शामिल युवाओं ने बताया 36 घंटे के तय समय में करीब 400 किमी की दूरी पूरी करनी है। प्रत्येक युवा करीब 100 मीटर तक दौडकर कावड़ लेकर चलता है और इसके बाद अगले साथी को सौंप देता है। इसी क्रम में पूरी यात्रा जारी रहती है।

सुरक्षा के लिए आगे चलेंगे बाइक सवार

यात्रा के दौरान सडक़ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कावडिय़ों के आगे दो बाइक सवार चलते हैं, जो मार्ग पर यातायात की स्थिति पर नजर रखते हैं, ताकि सडक़ दुर्घटना से बचा जा सके। युवाओं का कहना है कि डाक कावड़ यात्रा के माध्यम से शिवभक्ति के साथ स्वास्थ्य, अनुशासन और टीम भावना को बढ़ावा देना उद्देश्य है।