
Kochi Accident Case: केरल के कोच्चि में 55 साल के स्कूटर सवार की मौत से जुड़े चेरानल्लूर सड़क हादसे के मामले में जिला सत्र अदालत ने बुधवार को आरोपी चालक, अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के 17 साल के बेटे और उसके एक परिचित को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस मामले में कथित पुलिस लापरवाही को लेकर भी कार्रवाई हुई है। कोच्चि के पुलिस कमिश्नर एस. कालिराज महेश कुमार का तबादला किया जाएगा, जबकि आर. निशांतिनी नए पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी संभालेंगी। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के निर्देश के बाद यह कदम उठाया गया है।
बता दें मामले में चार पुलिसकर्मियों को भी निलंबित किया गया है। हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान मंजली निवासी जयबलकृष्णन के रूप में हुई है। आरोप है कि रविवार तड़के एक लग्जरी कार ने पीछे से उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी। कार 17 वर्षीय किशोर चला रहा था और वाहन उसके पिता, जो अतिरिक्त जिला न्यायाधीश हैं, के नाम पर पंजीकृत है।
मामले में कथित लापरवाही को लेकर बीजेपी विधायक वी. मुरलीधरन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय के लिए काफी इंतजार करना पड़ा और मामले में कार्रवाई में करीब 32 घंटे लग गए। मुरलीधरन ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने में जो कुछ हुआ, वह केरल में असामान्य है। उनके मुताबिक, आरोपी को पुलिस का संरक्षण मिलता दिखाई दिया, जबकि पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ा। इस बीच, बीजेपी और CPI(M) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हादसे के मामले में किशोर के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की।
कोच्चि के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर एस. कालिराज महेश कुमार ने पहले बताया था कि शुरुआती सूचना के आधार पर पुलिस ने लापरवाही से मौत होने से संबंधित प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में वाहन की तेज रफ्तार से जुड़े साक्ष्य सामने आने के बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 जोड़ी गई, जो गैर इरादतन हत्या से संबंधित है। पुलिस के अनुसार, किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया और किशोर न्याय नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। प्रारंभिक पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के समय किशोर शराब के नशे में नहीं था। हालांकि, उसके रक्त के नमूने आगे की जांच के लिए लिए गए हैं।
पुलिस कमिश्नर ने कहा था कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत किसी नाबालिग द्वारा वाहन से दुर्घटना किए जाने पर अभिभावक या वाहन के पंजीकृत मालिक की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है। इस मामले में किशोर के पिता ही कार के पंजीकृत मालिक हैं। पुलिस ने कहा कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। महेश कुमार ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा था कि जयबलकृष्णन परिवार के कमाने वाले सदस्य थे। पुलिस का कहना है कि जांच में जिन लोगों की जिम्मेदारी सामने आएगी, उनके खिलाफ मौजूदा कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जयबलकृष्णन की बेटी भद्रकीर्ति ने बताया कि सोमवार को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उनके घर पहुंचे थे और परिवार के बयान दर्ज किए थे। उन्होंने कहा कि परिवार को चार पुलिसकर्मियों के निलंबन की जानकारी मिली है, लेकिन आदेश मिलने के बाद ही वे निलंबन की वजह स्पष्ट रूप से जान पाएंगी।
जिला अपराध शाखा ने मंगलवार देर रात घटनास्थल और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए कार्रवाई की। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों, वाहन की गति और संभावित जिम्मेदारियों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।