कोलकाता

पश्चिम बंगाल में घुसपैठ करते पकड़े 17 जेएमबी आतंकी

भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ का प्रयास कर रहे बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) के 17 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

2 min read
पश्चिम बंगाल में घुसपैठ करते पकड़े 17 जेएमबी आतंकी


- सीमा पर बीएसएफ ने बढ़ाई चौकसी
कोलकाता.

भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ का प्रयास कर रहे बांग्लादेशी आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) के 17 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पश्चिम बंगाल के मालदह जिले से सटे बांग्लादेश के नवाबगंज इलाके में इन्हें दबोचा गया। घटना के बाद से बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने सीमा पर चौकसी तेज कर दी है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर सतर्कता जारी होने से पहले जेएमबी के आतंकियों की गिरफ्तारी काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश और बांग्लादेशी रैपिड एक्शन बटालियन ने चांपाई नवाबगंज के मानकया इलाके के गुप्त ठिकाने से इन्हें गिरफ्तार किया। उल्लेखनीय है कि हाल ही में नई दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा से दो जेएमबी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद मालदह से तीन और जेएमबी आतंकी पकड़े गए थे। बीएसएफ के हवाले से सूत्रों ने बताया कि मानकया इलाके से गिरफ्तार जेएमबी आतंकियों में तोबजूल इस्लाम(50), हबीबुर रहमान (48), नसीरुद्दीन (24), आतिकुल (25), मनिरुल इस्लाम (25), आलताफुर रहमान (40), बाइतुल्लाह (30), मजिबुर रहमान (62), हैदर (38), जलालुद्दीन (56), अब्दुल सलाम (32), सरिफल इस्लाम (50), यूसुफ अली (20), मो. अली मुर्तजा (40), नईम अली (40), जलालुद्दीन (30) और हामजाला (55) शामिल है।
शूटआउट के बावजूद भारत में घुसे -
स्पेशल टास्क फोर्स के हाथों कोलकाता में अलकायदा के चार आतंकियों के पकड़े जाने के बाद बांग्लादेश आतंक रोधी दस्ता (आरएबी) भी सक्रिय हो गया। नवाबगंज जिले में शिवगंज थाना इलाके के आलकूनी में जेएमबी आतंकियों के छिपे होने की गुप्त सूचना के आधार पर आरएबी ने धावा बोला था। इस दौरान देर रात तक दोनों ओर से व्यापक गोलीबारी हुई। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि विस्फोट में वहां एक मिंट्टी का घर ध्वस्त हो गया है। इसके साथ ही 3 जीएमबी आतंकियों की भी मौत हुई है। वहां भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक आदि बरामद किया गया है। सूत्रों ने बताया कि जिस जगह पर शूटआउट हुआ था वहां से मालदह जिले के वैष्णवनगर से बांग्लादेश की सीमा महज एक किलोमीटर दूर है। यहां की सीमा खुली रहती है। यहां किसी तरह का बाड़ नहीं लगा है। यही कारण है कि यहां से गायों की तस्करी के अलावा नकली नोटों की तस्करी बड़े पैमाने पर होती रही है।

Published on:
04 Aug 2018 09:24 pm
Also Read
View All