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फाल्टा पुनर्मतदान से पहले बढ़ा तनाव, TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के सहयोगी गिरफ्तार

फलता विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान से पहले तृणमूल कांग्रेस नेता सईदुल खान की गिरफ्तारी से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उन पर हत्या के प्रयास और राजनीतिक हिंसा के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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कोलकाता

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Devika Chatraj

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Updated: 16 May 2026, 11:51 AM IST

Bengal Police arrest close aide of Trinamool candidate Jahangir Khan ahead of May 21 Falta repoll

TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के सहयोगी गिरफ्तार (IANS)

Political Violence Bengal Election: पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर अंतर्गत फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से पहले राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। मतदान से कुछ दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय नेता की गिरफ्तारी ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। पुलिस के अनुसार, फलता पंचायत समिति के उपाध्यक्ष सईदुल खान को गिरफ्तार किया गया है। उन पर हत्या के प्रयास और राजनीतिक हिंसा भड़काने जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।

गिरफ्तारी की वजह

फलता थाना पुलिस ने शुक्रवार रात सईदुल खान के आवास पर छापेमारी की। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि उनके खिलाफ लंबे समय से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें राजनीतिक हिंसा और गंभीर हमले के आरोप शामिल हैं। फिलहाल इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुनर्मतदान की तैयारी

निर्वाचन आयोग के निर्देश पर फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई को पुनर्मतदान कराया जाएगा, जबकि 24 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतदान से पहले इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक समीकरणों को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्र में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल देखा जा रहा है, जहां विभिन्न दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।

जहांगीर खान पर भी राजनीतिक दबाव

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय उम्मीदवार जहांगीर खान हाल ही में सार्वजनिक रूप से सक्रिय हुए हैं। इससे पहले वे काफी समय तक सार्वजनिक गतिविधियों से दूर थे। उनका कहना है कि क्षेत्र में राजनीतिक दबाव और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से निकलना कम कर दिया था। हालांकि, वे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।

भाजपा और प्रशासन पर आरोप-प्रत्यारोप

जहांगीर खान ने आरोप लगाया है कि विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा उनके कार्यालय पर तोड़फोड़ की गई थी और राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से भी तृणमूल पर आरोप लगाए जाते रहे हैं कि वह प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है।

पुलिस अधिकारी को लेकर पुराना मामला

इस क्षेत्र में पहले भी चुनावी माहौल के दौरान विवाद देखने को मिला था। एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा को लेकर स्थानीय स्तर पर बहस और आरोप-प्रत्यारोप सामने आए थे। तृणमूल कांग्रेस ने उन पर स्थानीय लोगों को डराने और अनुचित व्यवहार के आरोप भी लगाए थे, हालांकि इन दावों पर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं रही हैं।