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‘जो जाना चाहता है वो जा सकता है’, चुनावों में हार के बाद ममता बनर्जी का TMC नेताओं को पहला संदेश

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने टीएमसी (TMC) नेताओं और कार्यकर्ताओं से संगठन को फिर से मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी छोडने वालों को रोका नहीं जाएगा, लेकिन तृणमूल कांग्रेस फिर मजबूती से उभरेगी।
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भारत

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Himadri Joshi

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Updated: 16 May 2026, 11:34 AM IST

Mamata Banerjee

ममता बनर्जी (फोटो- पीटीआई एक्स पोस्ट)

पश्चिम बंगाल में हाल ही में आयोजित हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को भारी राजनीतिक झटका लगा है। लंबे समय तक राज्य की सत्ता संभालने वाली पार्टी अब विपक्ष की भूमिका में पहुंच गई है। चुनाव नतीजों के बाद पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने साफ संदेश देते हुए कहा कि जो नेता पार्टी छोडना चाहते हैं, वे जा सकते हैं, लेकिन संगठन को दोबारा मजबूत किया जाएगा। शुक्रवार को कोलकाता स्थित कालीघाट आवास पर आयोजित बैठक में उन्होंने चुनाव लडने वाले उम्मीदवारों से पार्टी कार्यालयों को फिर से सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढाने का आह्वान किया। बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे।

जनता का जनादेश छीना गया - ममता

ममता बनर्जी ने बैठक में कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी झुकेगी नहीं और जनता का जनादेश छीना गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्होंने नेताओं से बंद पडे पार्टी कार्यालयों को फिर से खोलने, उनकी मरम्मत कराने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पडी तो वह खुद पार्टी कार्यालयों में रंग कराने का काम करेंगी। इस बयान को कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की कोशिश माना जा रहा है। चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित दल बदल की चर्चाएं लगातार सामने आ रही थी।

टीएमसी के 211 उम्मीदवार हारे

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों में से टीएमसी केवल 80 सीटें जीत सकी। पार्टी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि दार्जिलिंग क्षेत्र की तीन सीटें सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) के लिए छोडी गई थीं। चुनाव में 211 उम्मीदवार हार गए, जिनमें कई वरिष्ठ मंत्री और प्रभावशाली नेता शामिल रहे। सबसे बडा झटका तब लगा जब ममता बनर्जी खुद भवानिपुर सीट से हार गईं, जिसे उनका मजबूत राजनीतिक गढ माना जाता था। इस हार ने राज्य की राजनीति में नया समीकरण बना दिया है और विपक्ष को भी मजबूती मिली है।

एकजुटता दिखाने में जुटी तृणमूल कांग्रेस

बैठक के बाद टीएमसी के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर तस्वीरें साझा की गईं। पोस्ट में कहा गया कि पार्टी उम्मीदवारों ने चुनाव के दौरान दबाव और डर के बावजूद साहस के साथ मुकाबला किया। पार्टी ने यह भी दोहराया कि चुनावी जनादेश लूटा गया है। ममता बनर्जी ने पहले भी कहा था कि कई नेता दूसरी पार्टियों में जा सकते हैं और वह किसी को जबरदस्ती रोकने में विश्वास नहीं करतीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान एक तरफ असंतुष्ट नेताओं को खुली छूट देता है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं को मजबूती से साथ खडे रहने का संदेश भी देता है।