
Bankura Crime News: बांकुड़ा के इंदास में सीजेपी कार्यकर्ता अब्दुल के पिता माफिक की मौत के बाद अब यह पूरा मामला केवल एक आपराधिक वारदात न रहकर पश्चिम बंगाल की राजनीति का नया केंद्र बन गया है। हत्या की इस घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है, वहीं राजनीतिक दलों की सक्रियता और अल्टीमेटम के बाद जिला प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव अचानक बढ़ गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो चुकी है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने करिशुंडा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि वारदात के समय और उसके बाद भी पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह रहा, जिसके चलते पीड़ित परिवार को अपनी बात रखने तक का मौका नहीं मिला।
सीजेपी ने अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को स्पष्ट 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय के भीतर सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो जिला प्रशासन कार्यालय (DM ऑफिस) का घेराव कर बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
दूसरी तरफ, घटना के बाद बढ़ते जनआक्रोश को देखते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। टीएमसी नेताओं ने मौके से ही पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अब्दुल और उसके परिवार की फोन पर बात कराई। इस दौरान ममता बनर्जी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और हर संभव कानूनी व प्रशासनिक मदद का आश्वासन दिया।
उन्होंने परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफआईआर और केस से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर तुरंत कोलकाता स्थित अपने कालीघाट आवास पर आने के लिए कहा है। गौरतलब है कि यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई थी जब अब्दुल ने पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत स्थानीय सरकारी स्कूल की बदहाली पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद दबंगों ने घर में घुसकर मारपीट की थी, जिसमें घायल अब्दुल के पिता माफिक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब पिता की मौत के बाद अब्दुल के परिवार की सुरक्षा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जांच का दायरा तेज करने की मांग उठ रही है।