
जनाब माफिक, शेख अब्दुल हाफिज और अभिजीत दीपके। फोटो- (X- @abhijeet_dipke)
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य शेख अब्दुल हाफिज के पिता की मौत के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। पार्टी के राष्ट्रीय सह-संयोजक आशुतोष रांका सोमवार को करिसुंबा गांव पहुंचे और अब्दुल के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो कॉल के जरिए अब्दुल से बात की। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में अब्दुल की उस बात का जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था कि उसे आर्थिक मुआवजा नहीं चाहिए, बल्कि उसके पिता की याद में गरीब बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल बनाया जाए।
अभिजीत दीपके ने लिखा कि अब्दुल से बात करते समय वह खुद भावुक हो गए, लेकिन अब्दुल ने ही उन्हें हिम्मत दी। दीपके के मुताबिक, अब्दुल ने कहा कि टूटना नहीं है और इलाके के स्कूलों को बेहतर करना है। उसने कहा कि पिता चले गए, लेकिन स्कूलों को ठीक करने का काम जारी रहेगा। दीपके ने कहा कि पिता को खोने के बाद भी अब्दुल अपने इलाके के बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए काम करने की बात कर रहा है। मुझे नहीं लगता कि मैं कभी ऐसे व्यक्ति से मिला हूं, जो अब्दुल जितना देश से प्यार करता हो। दीपके ने अब्दुल और उसके परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस मुश्किल समय में अकेले नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि अब्दुल के पिता को अपने बेटे के हौसले और सोच पर गर्व होता। पार्टी नेताओं ने कहा कि अब्दुल के परिवार से मुलाकात कर उन्हें समर्थन दिया गया है। वहीं, अब्दुल के पिता की मौत को लेकर इलाके में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। वहीं सीजेपी ने कहा कि उसके कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज (25) ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे की कमियों का दस्तावेजीकरण करने के लिए पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत 13 अगस्त को करिसुंदा वेस्ट पारा प्राथमिक विद्यालय का दौरा किया था।
उसी शाम हथियारबंद लोग हफीज के घर में घुस आए और उन्होंने उससे माफी मांगते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। वीडियो में उसे यह कहना था कि उसने किसी और के कहने पर स्कूल की स्थिति को उजागर किया था। जब उसने इनकार किया तो हमलावरों ने कथित तौर पर उसे और उसके पिता जनाब माफिक पर डंडों और लोहे की छड़ से हमला किया। कथित हमले के दो दिन बाद शनिवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में माफिक की मौत हो गई।
वहीं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को सीजेपी के कार्यकर्ता अब्दुल से बात की, जिसके पिता की कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। टीएमसी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने हफीज से फोन पर बात की और परिवार को आश्वासन दिया कि इस मुश्किल घड़ी में वह उनके साथ खड़ी हैं। ममता ने शोक संतप्त परिवार को अपनी पार्टी की ओर से समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने परिवार के प्रति अपनी एकजुटता भी व्यक्त की।
Updated on:
17 Aug 2026 09:33 pm
Published on:
17 Aug 2026 09:32 pm
