
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, जताया देश की सुरक्षा के लिए खतरा होने की शंका
कोलकाता
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा नेता विमल गुरुंग के बाद दार्जिलिंग से भाजपा सांसद और केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री सुरिन्दर सिंह अहलुवालिया ने ममता बनर्जी की सरकार पर दार्जिलिंग वादियों में रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने का आरोप लगाया है। इसे देश के लिए खतरा करार देते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इसे मामले की जांच करने का आग्रह किया है।
केन्द्रीय मंत्री अहलुवालिया ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार बांग्लादेश के रास्ते म्यानमार से पश्चिम बंगाल में आए रोहिंग्या मुसलमानों को दार्जिलिंग की विभिन्न वादियों में बसा रही है। इस संबंध में गत तीन मई को उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को भेजे गए अपने पत्र में उन्होंने दावा किया है कि दार्जिलिंग के डेलो, लाना, मेल्ली व रंग्पो इलाके में 320 रोहिंग्या परिवारों को बसाया गया है। अपने पत्र में अहलुवालिया ने कहा है कि दार्जिलिंग व कालिम्पोंग जिले और डुआर्स तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटा है। उक्त तीनों सीमाएं अधिकतर खुली हैं और इस संवेदनशील इलाके में रोहिंग्या मुसलमानों को बसाने से देश की सुरक्षा खतरे में पडऩे की शंका प्रबल है।
गुरुंग ने भी जताया था आशंका
इससे पहले गिरफ्तारी की डर से भूमिगत हुए विमल गुरुंग ने भी अप्रेल महीने में रोहिंग्या मुसलमानों को दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में प्रवेश कराने के पीछे तृणमूल कांग्रेस और उसकी सरकार के हाथ होने का आरोप लगाया था और इस मामले उन्होंने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था।
तमांग ने किया इनकार
उधर, तृणमूल कांग्रेस सरकार के समर्थन वाले गोरखालैंड टेरीटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के प्रशासक बोर्ड के अध्यक्ष विनय तामंग ने आहलुवालिया और विमल गुरुंग के दावों को निराधार करार दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने खुफिया एजेंसियों से इस बात की जांच कर सकती है कि पर्वतीय क्षेत्र में रोहिंग्या लोग रह रहे हैं या नहीं।