कोलकाता

‘लव जिहाद’ नहीं, दोनों अपने-अपने धर्म का पालन करेंगे; मुस्लिम युवक से शादी की इच्छुक हिंदू युवती को पश्चिम बंगाल HC ने दी सुरक्षा

Calcutta High Court interfaith marriage: हावड़ा में अंतरधार्मिक विवाह रचाने जा रहे जोड़े को मिलीं जान से मारने की धमकियां। हाईकोर्ट ने विवाह के दिन पुलिस को 24 घंटे सुरक्षा देने और 7 दिनों में रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
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Jul 29, 2026
Calcutta High Court interfaith marriage
मुस्लिम युवक से शादी की इच्छुक हिंदू युवती को पश्चिम बंगाल HC ने दी सुरक्षा, फोटो सोर्स- AI

Howrah interfaith couple threat:पश्चिम बंगाल के हावड़ा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां पिछले 10 से अधिक सालों से एक-दूसरे को जानने वाले एक अंतरधार्मिक जोड़े को शादी करने का फैसला भारी पड़ गया। शादी की जानकारी सामने आते ही कट्टरपंथी संगठनों द्वारा जोड़े और उनके परिवारों को धमकियां दी जाने लगीं। विवाद इतना बढ़ा कि युवती के पिता के कथित अपहरण और घर-दुकान जलाने की धमकियों के बाद इस जोड़े को न्याय और सुरक्षा के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय पुलिस को जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अदालत ने आदेश दिया कि 29 जुलाई को होने वाले विवाह के दौरान युवक-युवती को चौबीसों घंटे कड़ी और अभेद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो। इसके साथ ही उलुबेरिया थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि विवाह शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न होने के बाद सात दिनों के भीतर पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें।

पिता का अपहरण और घर छोड़ने की मजबूरी

याचिका के अनुसार, 31 साल की प्राइवेट ट्यूटर युवती और 35 साल के कारोबारी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने वाले थे। युवती का आरोप है कि 22 जुलाई को शादी का नोटिस जारी होने के बाद खुद को एक दक्षिणपंथी संगठन का सदस्य बताने वाले दो लोग उसके घर पहुंचे और विवाह रद्द करने का दबाव बनाने लगे। जब उसने इनकार किया तो अगले दिन, 23 जुलाई को उसके पिता को उनकी दुकान से जबरन उठा लिया गया और शादी न करने की लिखित गारंटी देने के लिए मजबूर किया गया। लगातार मिल रही धमकियों और दबाव के कारण युवती को अपनी छोटी बहनों और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए घर छोड़ना पड़ा। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों से एक हलफनामे पर भी हस्ताक्षर कराए गए, जिसमें यह लिखा गया कि युवती अब घर में प्रवेश नहीं करेगी।

कोई लव जिहाद नहीं, दोनों अपने धर्म का पालन करेंगे'

तमाम बंदिशों और कोर्ट के आदेश के बाद भी युवती इस बात से दुखी है कि उसे बिना परिजनों की मौजूदगी के बेहद सादे समारोह में शादी करनी पड़ रही है। युवती ने अपनी मंसा साफ करते हुए कह दिया है कि मुझ पर शादी के लिए कोई दबाव नहीं है। यहां न तो कोई 'लव जिहाद' का मामला है और न ही कोई धर्म परिवर्तन हो रहा है। मैं अपने धर्म का पालन करूंगी और वह अपने धर्म का। फिर हमारे निजी जीवन में बाहरी लोग हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं?

'पारिवारिक नहीं, बाहरी संगठनों का हस्तक्षेप'

अदालत में सुनवाई के दौरान जोड़े के वरिष्ठ अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य ने राज्य सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया कि यह पारिवारिक विवाद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक राजनीतिक संगठन का तीसरा पक्ष इसमें लगातार बाधाएं खड़ी कर रहा है और मैरिज रजिस्ट्रार से नोटिस मिलने के बाद पिता को धमकाया गया। उलुबेरिया थाने के वरिष्ठ अधिकारी ने भरोसा दिया है कि अदालत के आदेशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा और शादी में कोई अड़चन नहीं आने दी जाएगी।

Updated on:
29 Jul 2026 01:03 pm
Published on:
29 Jul 2026 01:03 pm