
कहा, ओडिशा और आंध्रप्रदेश को 600 करोड़ और बंगाल को सिर्फ 400 करोड़ देने का भरोसा
तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ शाह की बैठक के बाद लगाया आरोप
कोलकाता:
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल को वंचित करने का आरोप लगाया है। इस बार उन्होंने बंगाल में चक्रवात 'यश' के आने से पहले केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश को अग्रिम सहायता के रूप में 600 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद करने का आश्वासन दिया। लेकिन बंगाल को सिर्फ 400 करोड़ रुपए ही अग्रिम वित्तीय सहायता देने का भरोसा दिलाया है। बंगाल को ओडिशा और आंध्र प्रदेश से कम वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय क्यों लिया गया।
वे शाह के साथ अभासीय बैठक के बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत कर रही थीं।
अगले दो दिन में बंगाल में तेज गति से प्रवेश करने वाला चक्रवात 'यश' चक्रवात अम्फान की याद ताजा कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक इस चक्रवात से बंगाल, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि उड़ीसा में नुकसान की संभावना सबसे ज्यादा है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 'यश' से निपटने के लिए तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस बैठक में हिस्सा लेने इनकार कर दिया था और अपनी जगह राज्य के बैठक में मुख्य सचिव अलपन बनर्जी हिस्सा लेने वाले थे। लेकिन अंत में ममता बनर्जी ने अपना इरादा बदलते हुए बैठक में हिस्सा ली।
बैठक के बाद उन्होंने दावा किया कि चक्रवात 'यश' की चपेट में आने से पहले उड़ीसा और आंध्र प्रदेश को 600 करोड़ रुपये मुहैया कराए जाएंगे। हालांकि, बंगाल के मामले में सिर्फ 400 करोड़ रुपये। उन्होंने सवाल किया कि इतना बड़ा राज्य होने के बावजूद कम पैसे क्यों दिए गए। बंगाल के साथ फिर से भेदभाव क्यों किया गया, इस सवाल का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अच्छा जवाब नहीं मिला।