कोलकाता

प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करूंगा – दिलीप घोष

बंगाल में भाजपा के काम से केन्द्रीय नेतृत्व खुश है, नतीजा अच्छा हुआ है और पार्टी के सदस्यों की संख्या बढ़ी हैं।
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Updated: 11 Jun 2018, 10:30 PM IST
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प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करूंगा - दिलीप घोष

कहा, उन्हें हटाने की अफवाह फैला रहे हैं पार्टी के अनाथ नेता
कोलकाता.

पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने खुद को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से उठाए जाने की खबर को अफवाह बताते हुए तीन साल का कार्यकाल पूरा करने का दावा किया। अफवाहों के पीछे पीछे अपनी ही पार्टी के अनाथ नेताओं के हाथ होने का आरोप लगाया।
दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से उन्हें हटाने और किसी दूसरे नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की खबर सुनने में आ रही है। लेकिन इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। यह अफवाह मात्र है। जहां तक उन्हें जानकारी है कि बंगाल में पार्टी के काम से केन्द्रीय नेतृत्व खुश है। यहां नतीजा अच्छा हुआ है और राज्य में पार्टी के सदस्यों की संख्या बढ़ी हैं। वे तीन साल प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे। इसको ले कर कोई भ्रान्ति नहीं है। उनके आदर्श और कार्यशैली में कोई गलती नहीं है। पार्टी के अंदर कुछ नेता अनाथ हो गए हैं। वे ही उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से हटाने की अफवाह फैला रहे हैं। जो लोग अफवाह फैला रहे हैं इस बारे में उनसे जा कर पूछा जाए कि प्रदेश अध्यक्ष क्यों और कब हटाए जा रहे हैं। दिलीप घोष का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल आगामी दिसंबर में समाप्त होगा है। जब उनसे दूसरी बार उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी फैसला करेगी कि दोबारा उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा या किसी और को।

ममता सरकार की नीति स्पष्ट नहीं
इस दौरान दिलीप घोष ने राज्य की ममता बनर्जी की सरकार पर तीखा वार करते हुए राज्य में गैरकानूनी काम होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीरभूम जिले में बार-बार विस्फोटक पदार्थ मिल रहे हैं। मालदह और दक्षिण 24 परगना जिले में आगेयास्त्र बनाने के कारखाने मिले हैं। बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे होने के बावजूद राज्य सरकार सुरक्षा के मामले में गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है। वह कभी कुछ कहती हैं और कभी कुछ और कहती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले आधार का विरोध किया। इसके खिलाफ संसद के बाहर और सडक़ पर उतर कर विरोध-प्रदर्शन किया और अब कह रही हैं कि आधार बनाने का काम पश्चिम बंगाल सरकार को दिया जाए।

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