
कोलकाता
सडक़ हादसे रोकने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने निजी बस चालकों एवं कंडक्टरों को कमीशन सिस्टम की बजाय 1 अगस्त से वेतन देने की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। राज्य परिवहन विभाग ने शुक्रवार को निजी बस मालिकों को इस संबंध में कदम उठाने का निर्देश दिया। अभी यह तय नहीं हुआ कि कितना वेतन दिया जाएगा। वेतन तय करने की जिम्मेदारी बस मालिकों की दी गई है। पहले 15 जुलाई से ही वेतन देने की बात थी, लेकिन कुछ कारणवश इसकी तारीख एक अगस्त कर दी गई। सडक़ हादसों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य परिवहन विभाग ने पिछले महीने बस मालिक संगठनों के साथ बैठक कर मौजूदा कमीशन सिस्टम बंद कर वेतन देने का निर्णय किया था। कोलकाता समेत पूरे राज्य में सडक़ हादसों में हो रही वृद्धि को लेकर राज्य परिवाहन विभाग चिंतित था। सडक़ हादसों में हो रही बढ़ोत्तरी का कारण जानने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने जांच में अधिकांश सडक़ हादसों का कारण ओवरटेक पाया। फिर ओवरटेक के कारण की जांच की गई। पाया गया कि कमीशन के खेल में चालक और कंडक्टर अन्य बस को ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं।
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कमीशन सिस्टम बंद करने की सिफारिश
गहन जांच के बाद कमेटी ने बस कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान के लिए मौजूदा कमीशन सिस्टम को बंद करने की सिफारिश की थी। गत २८ जून को परिवहन मंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बस मालिक संगठनों के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। मालिक तैयार हो गए। अभी बस चालकों और कंडक्टरों के पारिश्रमिक का भुगतान कमीशन सिस्टम से होता है। कमाई के आधार पर उन्हें मालिक कमीशन देते हैं।
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फैसले से बस चालक व कंडक्टर खुश
राज्य परिवहन विभाग के इस फैसले से बस चालक और कंडक्टर खुश हैं। बस चालक अनवर ने बताया कि यह काफी अच्छा निर्णय है। अब तक हम अनिश्चितता में रहते थे। किसी दिन अधिक तो किसी दिन कम कमाई होती थी। कंडक्टर गौतम हलदर ने बताया कि वह फैसले से खुश है। उसे एक मुश्त पैसे मिलेंगे। अनवर और गौतम की तरह बप्पा दास, तौकीर अली आदि ने इसी तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भी कहा कि वे खुश हैं।