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चिटफंड स्कैम में आरोपी था NCPI का संस्थापक उत्तिया कुंडू, TMC सांसद कीर्ति आजाद ने किया दावा

Uttiya Kundu Chit Fund Allegations: टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने दावा किया है कि NCPI के उत्तिया कुंडू चिटफंड घोटाले में आरोपी है। साथ ही कहा कि वह शुभेन्दु अधिकारी के करीबी भी हैं।

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NCPI founder Uttiya Kundu

बंगाल के सीएम शुभेन्दु अधिकारी और उत्तिया कुंडू (Photo-X @KirtiAzaad)

TMC MPs Merge With NCPI: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया। इसके बाद इस पार्टी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा होने लगी है। इसी बीच टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने पार्टी के संस्थापक उत्तिया कुंडू को लेकर बड़ा दावा किया है। TMC नेता ने उत्तिया कुंडू को चिटफंड घोटाले समेत कई मामलों में आरोप लगाए है। 

क्या बोले कीर्ति आजाद

एक्स पर पोस्ट करते हुए कीर्ति आजाद ने कहा कि TMC के 20 सांसदों ने एनसीपीआई में विलय किया है। यह एक गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है और इसकी स्थापना उत्तिया कुंडू नामक व्यक्ति ने की थी। उत्तिया कुंडू पर चिटफंड घोटाले समेत कई अन्य मामलों में आरोप लगे थे। 

उन्होंने आगे लिखा कि उनकी पत्नी इस पार्टी की अध्यक्ष हैं। वह शुभेन्दु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाते हैं। शुभेन्दु  अधिकारी भी चिटफंड मामलों से जुड़े विवादों में रहे हैं और सीबीआई की कार्रवाई के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। नीचे दी गई तस्वीरें इस संबंध को दर्शाती हैं। 

कीर्ति आजाद ने कहा कि सबसे दिलचस्प बात यह है कि एनसीपीआई के पदाधिकारियों और कार्यकारी समिति के सदस्यों को भी इस कथित सौदे की जानकारी नहीं है। अब भाजपा का ध्यान महाराष्ट्र पर केंद्रित है। पहले दल-बदल को लोकतंत्र बचाने का माध्यम बताया जाता था, अब इसका इस्तेमाल लोकतंत्र को कमजोर या ध्वस्त करने के लिए किया जा रहा है।

कीर्ति आजाद ने अपनी पोस्ट में कई फोटो भी शेयर की है, जिसमें उत्तिया कुंडू की सीएम शुभेन्दु अधिकारी के साथ एक तस्वीर भी शामिल है। इसके अलावा पब्लिक नोटिस के नाम से एक कागज भी शेयर किया है। 

2023 में लड़ा था चुनाव

बता दें कि नेशनल सिटीजन पार्टी (NCPI) ने 2023 में त्रिपुरा का विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में पार्टी को महज 822 वोट मिले थे। पार्टी के दो सीटों पर प्रत्याशी चुनाव लड़े थे और एक सीट पर निर्दलीय को समर्थन दिया था। पार्टी को नोटा के बराबर या कुछ ज्यादा वोट मिले थे। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक पार्टी को 1.13 लाख रुपये का चंदा मिला था। 

हालांकि NCPI ने लोकसभा चुनाव 2024 में हिस्सा नहीं लिया था। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद एक तरह से गुम हो गई थी।