फिल्मकार संजय लीला भंसाली के ऐतिहासिक ड्रामा पद्मावती को ले कर चल रहे विवाद में सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कूद पड़ी
कोलकाता. फिल्मकार संजय लीला भंसाली के ऐतिहासिक ड्रामा पद्मावती को ले कर चल रहे विवाद में सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी कूद पड़ी। उन्होंने इस विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण, फिल्म के विरोध को सुपर इमरजेंसी और अभिव्यक्ति की आजादी खत्म करने की एक राजनीतिक पार्टी की सोची समझी चाल कहा।
दूसरी ओर भाजपा ने पद्मावती का समर्थन को दुर्भाग्य करार दिया है। ब्रिटेन से लौटते ही ममता बनर्जी ने बिना नाम लिए पद्मावती फिल्म को ले कर भाजपा पर वार करते हुए कहा कि पद्मावती फिल्म विवाद सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी खत्म करने के लिए एक राजनीतिक पार्टी की सोची समझी चाल है। हम इस सुपर इमरजेंसी की निंदा करते हैं। इस मामले में समूचे फिल्म उद्योग को एकजुट होने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के सभी लोग एकजुट हो कर एक स्वर में इसका विरोध करें।
पद्मावती का समर्थन दुर्भाग्यपूर्ण-घोष: दूसरी ओर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से फिल्म पद्मावती का समर्थन करने की कड़ी निंदा की और इसे दूर्भाग्यपूर्ण करार दिया। इतिहास को तोड़मरोड़ कर दिखाने वाली फिल्म का समर्थन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मर्यादित और प्रतिष्ठित रानी पद्मावती को फिल्म में एक बेहया की तरह नाचते-गाते दिखाया गया है। इतिहास को तोड़ा मरोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया है तो फिल्मकार फिल्म दिखाएं। क्षत्राणी रानी पद्मावती के संबंध में इतिहास को तोड़मरोड़ कर फिल्माने के आरोप लगा कर राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश मेें फिल्म पद्मावती का जबरदस्त विरोध हो रहा है।
विरोध की आग की आंच पिछले दिनों कोलकाता में देखी गई। राजपूत संगठनों ने ममता बनर्जी को फिल्म पद्मावती को बंगाल में प्रदर्शन नहीं होने देने की सलाह और चेतावनी दी थी। इसके अलावा जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन करने वाले लोगों ने दक्षिण कोलकाता के एक सिनेमा हॉल के सामने लगे फिल्म पद्मावती का पोस्टर फाड़ दिए थे।