पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में संपन्न हो जाने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि एग्जिट पोल को असली नतीजे गलत साबित करते हैं, जबकि भाजपा बोल रही है कि लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दो चरणों में संपन्न हो जाने के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा अपनी-अपनी जीत के दावे कर रही हैं। तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि एग्जिट पोल को असली नतीजे गलत साबित करते हैं, जबकि भाजपा बोल रही है कि लोगों ने बदलाव के लिए मतदान किया। जारी एग्जिट पोल्स में अलग-अलग एजेंसियों के सर्वे में तस्वीर पूरी तरह बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ एग्जिट पोल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सत्ता में वापसी दिखा रहे हैं तो कुछ सर्वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पहली बार बंगाल में सरकार बनाते हुए बता रहे हैं। पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत है।
एग्जिट पोल से ज्यादा लोगों पर भरोसा: अग्निमित्रा पॉल
आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने कहा, मुझे चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल पर बहुत गर्व है कि उन्होंने रेकॉर्ड वोटिंग के साथ ऐसा चुनाव करवाया। इतनी धमकियों और भय के माहौल के बावजूद भी बंगाल के लोग बाहर आए। हमें सच में यकीन नहीं था कि (अनुच्छेद) 356 लगाए बिना इस तरह का चुनाव हो सकता है लेकिन ये हुआ। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, मुझे एग्जिट पोल पर ज़्यादा भरोसा नहीं है, लेकिन मुझे अपने जमीनी स्तर के लोगों पर भरोसा है, लोगों की नब्ज़ जो मैंने पिछले छह महीने में देखी है। निश्चित रूप से जिस तरह से बंगाल के लोग सुनामी की तरह आगे आए, वे एक उद्देश्य के साथ वोट कर रहे हैं, वे बदलाव के लिए वोट कर रहे हैं, मुझे उन पर भरोसा है।
तृणमूल सांसद डोला सेन ने कहा, हमें पहले से पता था कि इस बार 10-15% मतदान ज्यादा होगा। यह 13% बढ़ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मीडिया की तरफ से जो नैरेटिव बताया जा रहा है उससे हम सहमत नहीं है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि एसआईआर में जो हुआ उसमें 1 करोड़ 25 लाख लोगों के वोट काटे गए, ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट गई और लड़ी जिसके बाद 30 लाख लोगों के नाम जोड़े गए लेकिन 92 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। वे लोग तनाव में गए और उसके कारण कई लोगों की मृत्यु हो गई। जिसका नाम इस बार लिस्ट में आया सबने सोचा कि इस बार हमें वोट देना है। इसलिए इस बार सबने मतदान किया।
बहरमपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, सत्ता विरोधी लहर सारी विपक्षी पार्टियों के बीच बंट गई। इसमें तृणमूल कहां किस तरह आएगी, यह इतना जल्दी बताना मुश्किल है, लेकिन यह बिल्कुल साफ है कि तृणमूल के खिलाफ बहुत ज्यादा मतदान हुआ है, लेकिन यह वोट सभी विपक्षी पार्टियों में बंट गए हैं, कहीं भाजपा, कहीं कांग्रेस, कहीं माकपा, कहीं हुमायूं कबीर की पार्टी, कहीं आईएसएफ। इस प्रकार विपक्ष में भी भाजपा के पास ज्यादा वोट जाएगा, यह मेरा मानना है।
तृणमूल सांसद सौगत राय ने कहा, मेरा अनुभव है कि बीते कई समय से एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं। ज्यादातर भाजपा के पक्ष में हैं, एक तृणमूल के पक्ष में हैं। मुझे दोनों पर विश्वास नहीं है। तृणमूल बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। चुनाव आयोग द्वारा भाजपा के साथ मिलकर रची गई साजिश के खिलाफ लोग हैं। दिवास्वप्न देखने में कोई रोक नहीं है। भाजपा दिवास्वप्न देख रही है। मैं आश्वस्त हूँ कि चौथी बार ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनेंगी। भवानीपुर में शुभेंदु अधिकारी हारेंगे और नंदीग्राम में कड़ा मुकाबला होगा।
नंदीग्राम और भवानीपुर विधानसभा सीटों से भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने कहा, मैं ग्राउंड का एग्जिट पोल बता रहा हूं, भाजपा को 180 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। अच्छे बहुमत से भाजपा सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बन रही है। हिंदुओं ने खुलकर वोट किया। भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा, लोग तृणमूल की चोरी और कुशासन से मुक्ति पाना चाहते हैं और तृणमूल जो सांप्रदायिकता का माहौल बनाकर बंगाल का संतुलन बिगाड़ना चाहती है, पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाना चाहती है वह लोगों को समझ आ गया। इसलिए परिवर्तन के लिए सबने वोट दिया। चुनाव आयोग, सीआरपीएफ को हम बहुत धन्यवाद देते हैं कि चुनाव बहुत अच्छे से हुआ, तृणमूल के गुंडे कुछ नहीं कर पाए इसलिए लोगों को मतदान करने में आसानी हुई। बंगाल में परिवर्तन होगा ही, तृणमूल जाएगी और भाजपा आएगी।