सर अपनी दुकान तक जाना है इजाजत दीजिए हेलमेट व टार्च लेकर गया तो देखा सबकुछ खाक हो गया है
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कोलकता
अग्निकांड से जूझ रहे बागड़ी मार्केट के कॉस्टमेटिक दुकानदार पृथ्वीराज अग्रवाल तीन दिन से पुलिस कर्मियों से एक ही शब्द दोहरा रहे थे सर मुझे अपनी दुकान तक जाना है, इजाजत दे दीजिए। मंगलवार को उन्हें डी सी नार्थ देवाशिष सरकार ने अंदर जाने की अनुमति दी। उन्हें हेलमेट व टार्च मुहैया कराया गया। सी ब्लॉक के गेट से जान जोखिम में लेकर अंदर गए। दुकान की स्थिति देख बिलखते हुए वापस आ गए। बताया कि सबकुछ खाक हो गया है। अग्रवाल ने बताया कि शनिवार की देर रात ही वे लेक टाउन स्थित अपने घर से कैनिंग स्ट्रीट पहुंच गए थे। उसने सबसे गुहार लगाई कि सी ब्लॉक के शटर को काट दिया जाए लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी। आग की लपटें जब अंदर आई तो शटर काटा गया। पहले दिन ही शटर काट दिया गय होता तो शायद उनकी दुकान बच गई होती। दमकल ने अगर फोम का इस्तेमाल किया होता तो शायद आग इतनी नहीं फैलती।
सी ब्लॉक के गेट के पास लेदर बेल्ट के दुकान के मालिक किक्का भाई बेल्टवाला ने कहा कि आंख के सामने ही सबकुछ खाक हो गया। दूसरे भाई की दुकान बच जाए इसलिए आग बुझाने वालों को पानी व खाने का पैकेट मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मार्केट सर्वधर्म केन्द्र था। अब सोच लिया है कि जो था वह ऊपरवाले का ही था। अब रोने से क्या लाभ है।
बैग की दुकान के मालिक भवेश शाह ने कहा कि जलकर राख हुई दुकानों की तलाश में जुटा हूं शायद कुछ मिल जाए। हाथ में प्लास्टिक का बोरा लेकर भवेश अपनी दुकान में जले हुए मलवे के बीच सामान तलाश रहा था। पूछने पर बताया कि अब कहने के लिए कुछ नहीं बचा है सब कुछ खत्म हो गया।
तमेश बालासिया ने कहा कि उनकी तीन तल्ले पर दवा की दुकान है। अभी तक उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं मिली है। दमकल ने कहा है कि दिवाल कमजोर हो गई है। किसी भी वक्त गिर सकती है। अब ऊपर वाले पर ही भरोसा है।
नरेन्द्र भाई के मुताबिक उनकी ग्राउंड फ्लोर पर स्थित खिलौने व प्लास्टिक के फूलों की दुकान जलकर राख हो गई। दमकल के अधिकारियों से बार बार गुहार लगाई लेकिन उनकी दुकान पर पानी नहीं मारा गया। दमकल की गाडिय़ों में पानी की किल्लत बनी हुई रही, जिसकी वजह से आग फैलती चली गई।
बटन दुकानदार मुस्तान भाई के मुताबिक अग्निकांड के बाद रोजी रोटी पर संकट मंडराएगा।