
विधायक मदन मित्रा। (Photo-IANS)
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी से केंद्रीय एजेंसियों की पूछताछ चल रही है। इस बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा ने साफ कहा है कि पार्टी पूरी तरह सहयोग कर रही है, लेकिन किसी भी तरह के गद्दारी बरदाश्त नहीं की जाएगी।
मित्रा ने कहा- वे केंद्र सरकार की एजेंसियां हैं, उन्होंने अभिषेक को बुलाया है। हमारी पार्टी का फैसला है कि हम सहयोग करेंगे। इसलिए हम सहयोग कर रहे हैं। समय सब सवालों का जवाब देगा।'
इसके अलावा, मदन मित्रा ने एक तीखा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई मैच जीतने के बाद धोखा देगा या चुनाव आयोग के सिंबल को एक्सपोज करके कहीं और चला जाएगा, तो यह गद्दारी होगी।
उन्होंने कहा- अगर मैं दूसरे सिंबल पर मैच जीतकर कहीं और चला गया तो यह बिल्कुल धोखा और गद्दारी है। उस समय हमारे खिलाफ फर्जी केस बनाए जा सकते हैं। उनके इस बयान को पार्टी के अंदरूनी कलह और बागी विधायकों- सांसदों के लिए संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, बागी टीएमसी सांसदों के भविष्य पर सवाल करने पर मदन मित्रा ने कहा- देखते हैं। वे भी मलाई की तलाश भी हैं। इसके अलावा, सपा नेता के बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया।
समाजवादी पार्टी के नेता किरणमय नंदा के TMC की चुनावी हार पर दिए गए बयान पर मदन मित्रा ने कहा- लोग उन्हें मुंहतोड़ जवाब देंगे। हम सबने देखा है क्या हुआ और क्या हो रहा है। कोई मुद्दा नहीं है। गेंद शुरू हो चुकी है, गेंद को घुमने दो।'स्थिति अभी ठीक नहीं'
मित्रा ने माना कि मौजूदा हालात अभी सही नहीं। उन्होंने कहा- मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि स्थिति बहुत गंभीर है। इस बीच, TMC सूत्रों ने बताया है कि पार्टी अब हर मोर्चे पर सतर्क है। विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद से पार्टी में सुधार की कोशिशें चल रही हैं।
अभिषेक बनर्जी से पूछताछ इस पूरे घटनाक्रम का हिस्सा है। मदन मित्रा जैसे अनुभवी नेताओं के बयान से साफ है कि टीएमसी अब किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
Updated on:
15 Jun 2026 07:27 pm
Published on:
15 Jun 2026 07:27 pm
