
टीएमसी के बागी सांसद। (फोटो- IANS)
तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी (एनसीपीआई) में विलय को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने बागी सांसदों को जमकर सुनाया है।
उन्होंने कहा कि बड़ी बात ये नहीं है कि ये लोग एनसीपीआई में चले गए, असली बात ये है कि भाजपा ने इनके लिए अपने दरवाजे बंद कर दिए।
कुणाल घोष ने साफ कहा कि ये सांसद भाजपा के करीब आने की कोशिश कर रहे थे। एनडीए में शामिल होने की बातें चल रही थीं, भाजपा नेताओं के घर भी जा रहे थे। लेकिन आखिरकार भाजपा ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया।
घोष ने मजाकिया अंदाज में कहा- ये मेहमान हैं जो स्वागत के लायक हैं लेकिन घर के अंदर नहीं। उन्हें किराए का घर दे दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के साथ मीटिंगें तो हुईं, लेकिन जब विलय की बात आई तो भाजपा ने इन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने से इनकार कर दिया।
कुणाल घोष ने कहा- अगर भाजपा इन्हें अपना मानती तो सीधे अपनी पार्टी में ले लेती। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे साफ है कि इनकी कोई इज्जत नहीं बची।
TMC नेता ने NCPI को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर ये पार्टी है क्या? इसके बारे में किसी को ज्यादा जानकारी नहीं है। कोई डिटेल जानकारी नहीं, फिर भी ये लोग वहां जा रहे हैं। घोष ने कहा कि ये सांसद भाजपा के दोस्त बनना चाहते थे लेकिन BJP ने उन्हें सिर्फ इस्तेमाल किया और फेंक दिया।
टीएमसी नेता आगे कहा- मुझे NCPI के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। लेकिन हमारे सूत्रों का कहना है कि उस पार्टी की अब तक कोई बैठक नहीं हुई है और न ही कोई प्रस्ताव या फैसला लिया गया है। उनकी तरफ से कौन बोला?
उन्होंने कहा- सांसद BJP से बात कर रहे थे, वहां NCPI का कोई नहीं था। उन्हें पार्टी में किसने शामिल किया? उन्हें तो पार्टी का झंडा तक नहीं दिया गया, यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
Updated on:
15 Jun 2026 05:08 pm
Published on:
15 Jun 2026 05:08 pm
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