15 जून 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कोई भी सिख नहीं रखेगा CM भगवंत मान से संबंध, शराब वाले मामले में अकाल तख्त ने सुनाई सजा, BJP-कांग्रेस ने क्या कहा?

यह पूरा विवाद उस वीडियो से जुड़ा है जिसमें भगवंत मान जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए जाने का दावा किया गया था।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Rahul Yadav

Jun 15, 2026

Bhagwant Mann Akal Takht Row

भगवंत मान, मुख्यमंत्री पंजाब। (फाइल फोटो - आईएएनएस)

Bhagwant Mann Akal Takht Row: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर सोमवार को अकाल तख्त साहिब से बड़ा फैसला सुनाया गया। अकाल तख्त के पांच सिंह साहिबानों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु दोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित कर दिया है। साथ ही एक फरमान जारी करते हुए कहा गया कि गुरु खालसा पंथ का कोई भी सिख उनके साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखेगा।

यह पूरा विवाद उस वीडियो से जुड़ा है जिसमें भगवंत मान जैसे दिखने वाले एक व्यक्ति को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाए जाने का दावा किया गया था। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की दो फॉरेंसिक लैब से जांच कराई गई और दोनों रिपोर्ट में वीडियो को असली बताया गया है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो न तो छेड़छाड़ किया गया था और न ही एआई से बनाया गया था।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, जनवरी में अकाल तख्त ने भगवंत मान को 'गुरु की गोलक' (गुरुद्वारे के दान पात्र) को लेकर की गई टिप्पणियों और सिख गुरुओं की तस्वीरों से जुड़े कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप्स के मामले में तलब किया था। 15 जनवरी को अकाल तख्त सचिवालय के समक्ष पेश हुए भगवंत मान ने कहा था कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फर्जी हैं और एआई के जरिए बनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी भी लैब से उनकी जांच कराई जा सकती है।

अकाल तख्त का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब के बाद सचिवालय ने वीडियो की स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच कराई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पांच सिंह साहिबानों ने भगवंत मान को 'गुरु द्रोही और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित करने का फैसला लिया है।

अकाल तख्त ने सिख मंत्रियों और विधायकों को किया तलब

अकाल तख्त ने पंजाब सरकार के सिख मंत्रियों, पूरे मंत्रिमंडल और सभी दलों के सिख विधायकों को 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने के लिए भी कहा है। यह तलबी पंजाब सरकार द्वारा पारित 'जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026' को लेकर जारी विवाद के बीच हुई है। अकाल तख्त और एसजीपीसी पहले ही इस कानून पर आपत्ति जता चुके हैं।

कांग्रेस ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा

अकाल तख्त के फैसले के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार ने साफ कहा है कि वीडियो असली हैं और एआई से तैयार नहीं किए गए। वड़िंग ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि इससे दुनिया भर के सिख समुदाय की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

भाजपा का हमला, कहा- CM पद पर बने रहना उचित नहीं

अकाल तख्त के फैसले के बाद भाजपा ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की है। भाजपा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की घोषणा कोई सामान्य बयान नहीं बल्कि सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था का फैसला है। पार्टी का कहना है कि जब अकाल तख्त किसी मुख्यमंत्री के आचरण पर गंभीर आपत्ति जताता है तो यह नैतिक जवाबदेही का विषय बन जाता है। भाजपा ने दावा किया कि भगवंत मान अपना नैतिक अधिकार खो चुके हैं और उन्हें पद छोड़कर सिख संगत से क्षमा मांगनी चाहिए।

एसजीपीसी ने भी दी नसीहत

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अकाल तख्त सिख समुदाय की सर्वोच्च संस्था है और इतिहास में कई बड़े लोग इसके सामने पेश होकर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान जिस तरह अकाल तख्त का सामना कर रहे हैं वह उचित नहीं है। ग्रेवाल ने कहा कि उनके करीबी लोगों को उन्हें समझाना चाहिए और उन्हें इस मुद्दे पर दोबारा विचार करना चाहिए।

AAP ने फैसले पर उठाए सवाल

अकाल तख्त के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब AAP के नेता बलतेज सिंह पन्नू ने कहा कि जिन फॉरेंसिक रिपोर्टों का हवाला दिया जा रहा है उनमें केवल इतना कहा गया है कि वीडियो असली है और एआई से तैयार नहीं किया गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि रिपोर्ट में यह कहीं नहीं कहा गया कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति भगवंत मान ही हैं। पन्नू ने आरोप लगाया कि अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज पर शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल का प्रभाव है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ने कई बार धर्म के नाम पर राजनीति कर वोट मांगे हैं और वर्तमान विवाद को भी राजनीतिक नजरिए से देखा जाना चाहिए।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग