
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- AI)
Dancing Girl- NCERT Class 9 Book: सिंधु घाटी सभ्यता की मशहूर 'डांसिंग गर्ल' प्रतिमा को लेकर उठे विवाद के बाद NCERT ने बड़ा फैसला लिया है। 9वीं कक्षा की नई कला शिक्षा पुस्तक 'मधुरिमा' में प्रकाशित प्रतिमा की संशोधित तस्वीर को हटाकर अब उसका मूल स्वरूप फिर से प्रकाशित किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, किताब की डिजिटल कॉपी में यह बदलाव जल्द कर दिया जाएगा।
विवाद तब शुरू हुआ जब NCERT की नई पाठ्यपुस्तक 'मधुरिमा' के पहले अध्याय 'कला के इतिहास' में मोहनजोदड़ो की प्रसिद्ध डांसिंग गर्ल की तस्वीर प्रकाशित की गई। इस तस्वीर में प्रतिमा के धड़ वाले हिस्से को इस तरह ढका गया था कि उसकी मूल संरचना दिखाई नहीं दे रही थी। तस्वीर देखने पर ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे प्रतिमा को कपड़े पहनाए गए हों। इस बदलाव पर इतिहासकारों, कला विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसी ऐतिहासिक कलाकृति की तस्वीर में बिना स्पष्ट कारण बदलाव करना उसकी मौलिकता से छेड़छाड़ के बराबर है।
डांसिंग गर्ल की यह कांस्य प्रतिमा पिछले करीब 25 सालों से स्कूल की किताबों और इतिहास से जुड़ी अन्य सामग्री में अपने मूल स्वरूप में प्रकाशित होती रही है। यही वजह रही कि तस्वीर में किए गए बदलाव को लेकर विवाद और ज्यादा बढ़ गया।
विवाद सामने आने के बाद NCERT ने मामले को कला शिक्षा विभाग और पाठ्यपुस्तक विकास समिति के पास समीक्षा के लिए भेजा था। समीक्षा के बाद यह तय किया गया कि प्रतिमा की मूल तस्वीर ही किताब में प्रकाशित की जाएगी।
मोहनजोदड़ो से प्राप्त डांसिंग गर्ल प्रतिमा को सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध पुरातात्विक खोजों में गिना जाता है। लगभग 2600 ईसा पूर्व की मानी जाने वाली यह प्रतिमा कांस्य धातु से बनी है और इसकी ऊंचाई करीब चार इंच है। यह मूर्ति 'लॉस्ट-वैक्स तकनीक' से बनाई गई थी। यही तकनीक आज भी पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में उपयोग की जाती है। विशेषज्ञ इसे हड़प्पा सभ्यता के उन्नत धातु विज्ञान का उत्कृष्ट उदाहरण मानते हैं।
पाठ्यपुस्तकों को लेकर हाल के महीनों में NCERT का यह दूसरा बड़ा विवाद है। इससे पहले फरवरी-मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने 8वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की एक पुस्तक के अध्याय पर स्वत संज्ञान लिया था। उस अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया था। बाद में अदालत ने पुस्तक को वापस लेने और उसकी प्रतियों को सर्कुलेशन से हटाने का आदेश दिया था। संशोधित पुस्तक अब जून में उपलब्ध कराई जाएगी।
Updated on:
15 Jun 2026 09:56 pm
Published on:
15 Jun 2026 08:05 pm
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