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TMC छोड़ेंगे कुणाल घोष? स्वतंत्रता दिवस पर बागी खेमे के कार्यक्रम में पहुंचे, सियासी अटकलें तेज

TMC विधायक कुणाल घोष स्वतंत्रता दिवस पर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट के कार्यक्रम में पहुंचे। जानें क्यों बढ़ी TMC छोड़ने की अटकलें और घोष ने क्या सफाई दी।
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भारत

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Anurag Animesh

Aug 15, 2026

TMC news

TMC विधायक कुणाल घोष(फोटो-ANI)

TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रही खींचतान के बीच विधायक कुणाल घोष की स्वतंत्रता दिवस पर बागी गुट के कार्यक्रम में मौजूदगी ने नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया है। घोष शनिवार को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी खेमे की ओर से कोलकाता में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अचानक पहुंचे। हालांकि, उन्होंने अपनी मौजूदगी को महज संयोग बताया और किसी भी राजनीतिक मकसद से इनकार किया। कुणाल घोष फिलहाल ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट के साथ हैं। ऐसे में प्रतिद्वंद्वी खेमे के कार्यक्रम में उनका पहुंचना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दोनों गुटों के बीच पार्टी के संगठन और नेतृत्व को लेकर पहले से ही टकराव चल रहा है। जून में भी घोष और ऋतब्रत बनर्जी के बीच विधानसभा में तीखी राजनीतिक भिड़ंत देखने को मिली थी।

पहले TMC कार्यालय में फहराया तिरंगा, फिर बागी गुट के दफ्तर पहुंचे

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कुणाल घोष ने सबसे पहले कोलकाता के टॉपसिया स्थित TMC कार्यालय में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के निर्देश के मुताबिक राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद वह मेट्रोपॉलिटन बाईपास के पास स्थित उस कार्यालय पहुंचे, जिसे ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट अपना कार्यालय बता रहा है। वहां घोष ने पहले से फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी और स्वतंत्रता सेनानियों को पुष्पांजलि अर्पित की। उनका अचानक वहां पहुंचना कार्यक्रम में मौजूद बागी गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए भी हैरान करने वाला था।

कुणाल घोष ने क्यों दी सफाई?

बागी खेमे के कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर कुणाल घोष ने कहा कि इसमें किसी तरह की राजनीतिक अटकल की वजह नहीं है। उन्होंने बताया कि वह महानगर भवन के पास वाली सड़क से लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें पार्टी के नाम से झंडे फहराए हुए दिखाई दिए और कई परिचित लोग वहां मौजूद थे। घोष के मुताबिक, उन्होंने गाड़ी रोकी, नीचे उतरे और कार्यक्रम में शामिल हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनके बेलेघाटा विधानसभा क्षेत्र में TMC का कार्यालय है, इसलिए वहां पहुंचना कोई असामान्य बात नहीं है।

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने किया स्वागत

पूर्व मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी कुणाल घोष के इस कदम का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतंत्र में विश्वास करती है और अगर कोई राहगीर भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होना चाहे तो उसका स्वागत किया जाएगा। भट्टाचार्य के मुताबिक, कुणाल घोष वहां से गुजर रहे थे, इसलिए उन्होंने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने इसे असामान्य घटना मानने से इनकार किया।

TMC में पहले से चल रही है गुटबाजी

कुणाल घोष की यह मौजूदगी ऐसे समय हुई है जब पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर दो खेमों के बीच संघर्ष लगातार सामने आ रहा है। एक ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट है, जबकि दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी गुट पार्टी के संगठन और राजनीतिक नेतृत्व पर अपना दावा पेश कर रहा है। जून में बागी गुट ने पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करने की दिशा में भी कदम उठाए थे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पार्टी कार्यालय को लेकर भी विवाद सामने आया। ममता समर्थक नेताओं में कुणाल घोष का नाम प्रमुखता से सामने आया था।

विधानसभा में भी दोनों खेमों के बीच टकराव देखने को मिला है। जुलाई में कुणाल घोष और ऋतब्रत खेमे के विधायक अखरुज्जमां के बीच विवाद के बाद घोष को विधानसभा से बाहर कर दिया गया था और दिनभर के लिए निलंबित किया गया था।

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