
प्रयुत जैन (फोटो - Linkedin)
H-1B Indian Techie Fired Prayut Jain: अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दावा किया है कि गंभीर रूप से बीमार पिता की देखभाल के लिए भारत लौटने के करीब दो हफ्ते बाद उसे कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। प्रयुत जैन सैन फ्रांसिस्को स्थित एक स्टार्टअप के शुरुआती इंजीनियरों में शामिल थे। उनका कहना है कि कंपनी ने उन्हें फोन पर ही नौकरी खत्म होने की जानकारी दी।
जैन के मुताबिक, नौकरी जाने का समय भी उनके लिए बेहद अहम था। कंपनी में उनकी इक्विटी के वेस्ट होने की तय अवधि यानी इक्विटी क्लिफ में कुछ ही हफ्ते बाकी थे। साथ ही, अमेरिका में उनकी नौकरी उनके H-1B वीजा स्टेटस से भी जुड़ी थी।
30 वर्षीय प्रयुत जैन ने बताया कि उनके पिता को गंभीर निमोनिया हुआ था। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें ARDS हुआ और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। बाद में उन्हें ECMO यानी एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट की जरूरत पड़ी। जैन ने बताया कि पिता की हालत गंभीर होने के बाद वह 12 जुलाई को भारत लौटे। पिता की हालत बिगड़ने के बाद वह तुरंत भारत लौटे। पिता के इलाज का खर्च भी वही उठा रहे थे।
जैन के मुताबिक, भारत लौटने के करीब दो हफ्ते बाद 30 जुलाई को एक फोन कॉल पर उन्हें बताया गया कि उनकी नौकरी खत्म की जा रही है। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें कोई औपचारिक टर्मिनेशन लेटर नहीं दिया गया था।
जैन ने अपनी स्थिति के बारे में लिंक्डइन पर भी लिखा। उन्होंने कहा कि जब कोई कर्मचारी किसी स्टार्टअप में शुरुआती दौर में शामिल होता है तो उससे कंपनी को अपना समझकर काम करने की उम्मीद की जाती है। उनका कहना है कि उन्होंने करीब एक साल तक इसी तरह काम किया।
लेकिन जब उनके पिता वेंटिलेटर पर जिंदगी के लिए जूझ रहे थे तब उन्हें बताया गया कि उनकी नौकरी 15 दिन बाद खत्म हो जाएगी। जैन के मुताबिक, यह उनके इक्विटी क्लिफ से कुछ ही हफ्ते पहले हुआ।
जैन के लिए नौकरी जाने का असर सिर्फ आय तक सीमित नहीं है। वह अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे थे। ऐसे में नौकरी खत्म होने के बाद उनके अमेरिका में आगे काम करने और वीजा स्टेटस को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अमेरिका में अपना करियर जारी रखने की है। वह ऐसी नौकरी तलाशना चाहते हैं जिससे उनका वीजा स्टेटस बना रहे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सही अवसर मिलने पर वह भारत लौटने के लिए तैयार हैं।
जैन ने अपनी पोस्ट में इस बात पर भी सवाल उठाया कि शुरुआती दौर के कर्मचारी के तौर पर काम करने के बावजूद उन्हें इक्विटी मिलने की तय अवधि से ठीक पहले नौकरी से क्यों हटाया गया। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप में शुरुआती कर्मचारी से कंपनी को अपना समझकर काम करने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में उनके जीवन के सबसे मुश्किल दौर में नौकरी खत्म किया जाना उनके लिए बेहद कठिन अनुभव रहा।
जैन 2022 से अमेरिका में रह रहे हैं। अब नौकरी जाने के बाद उनके सामने अमेरिका में आगे काम करने और H-1B वीजा बनाए रखने की चुनौती है।
Updated on:
15 Aug 2026 05:52 pm
Published on:
15 Aug 2026 05:52 pm
