प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि इस तरह की हिंसा की किसी गतिविधि में भाजपा शामिल नहीं है। तृणमूल ने दावा किया कि अभिषेक पर हुआ हमला जनता के आक्रोश की सहज अभिव्यक्ति नहीं थी, जैसा कि भाजपा दावा कर रही है।
राज्य के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। टीएमसी तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य के सोनारपुर में पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला सुनियोजित और भाजपा प्रायोजित था। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि इस तरह की हिंसा की किसी गतिविधि में भाजपा शामिल नहीं है। तृणमूल ने दावा किया कि अभिषेक पर हुआ हमला जनता के आक्रोश की सहज अभिव्यक्ति नहीं थी, जैसा कि भाजपा दावा कर रही है।
तृणमूल ने एक्स पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि वे इस घटना में स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों की संलिप्तता साबित करती हैं। पार्टी ने अपने एक पोस्ट में कहा, यदि भाजपा का दावा है कि यह हमला केवल जनता के आक्रोश की सहज अभिव्यक्ति का परिणाम था, तो फिर एक प्रमुख भाजपा पदाधिकारी घटनास्थल पर सक्रिय और निर्देशात्मक भूमिका में क्यों मौजूद था? तृणमूल ने दावा किया कि घटना के दौरान भीड़ में दिखाई देने वाली एक महिला पहले भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी के साथ तस्वीरों में देखी जा चुकी है। तृणमूल ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का उल्लेख करते हुए अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के लिए उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की।
तृणमूल ने आरोप लगाया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता वर्षों से बांग्लादेशी शब्द का अपमानजनक विशेषण के रूप में इस्तेमाल करते रहे हैं और अब इसी प्रकार की टिप्पणियां एक मौजूदा सांसद के खिलाफ की जा रही हैं। पार्टी ने सवाल किया कि क्या केंद्र में भाजपा नीत शासन के दौरान विपक्षी सांसदों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। उसने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी पूछा कि क्या वह इस घटना की निंदा करेंगे। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में सार्वजनिक विमर्श का स्तर लगातार गिर रहा है। हमले के एक दिन बाद रविवार को अभिषक ने कहा कि वे राज्य प्रायोजित आतंकवाद का शिकार हुए हैं। तृणमूल सांसद सौगत रॉय ने कहा कि भाजपा नेता भड़काऊ बयान देते हैं। कल अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में पीड़ितों के परिवारों से मिलते समय गंभीर हमला हुआ। आज सुबह पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी पर चंडीतला में हमला हुआ।
वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि स्वस्थ और सामान्य समाज में ऐसी घटनाएं वांछनीय नहीं हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि उनकी पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है। भट्टाचार्य ने कहा, भाजपा इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल नहीं है। लेकिन जो कुछ हुआ, वह उन स्थानीय लोगों के गुस्से का परिणाम हो सकता है, जिन्होंने वर्षों तक उत्पीड़न झेला है। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि पुलिस के पास सबूत है कि हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपी स्थानीय तृणमूल नेता के करीबी बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस घटना का एक नया पहलू खुल चुका है। अभिषेक बनर्जी पर हमला हुआ या किसी ने यह हमला करवाया। भाजपा पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसे में भाजपा के लोग तो वहां पर नहीं थे बल्कि तृणमूल के लोग थे। क्या ये घटना तृणमूल ने ही प्लान करके करवाई, इस एंगल से भी जांच होनी चाहिए। भाजपा राज्यसभा सांसद राहुल सिन्हा ने कहा, तृणमूल, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने जो पाप राज्य में किया, उसी पाप का सीधे मूल में आक्रोश जनता में आ रहा है।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि किसी भी पार्टी के किसी भी नेता को लोकतंत्र में राजनीति करने का अधिकार है। आलोचना करना, विरोध करना, आम लोगों से मिलना, अपनी बात रखना, सलाह देना आदि लोकतंत्र का अभिन्न अंग है। जिस सांसद पर हमले की बात की जा रही है उनके साथ उन्हीं के संसदीय क्षेत्र में ऐसी घटना घटी। मीडिया से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि ताज्जुब की बात है कि जिस क्षेत्र में सांसद कई लाख मतों से जीतते हैं, वहां पर अपने नेता को बचाने के लिए एक भी पार्टी कार्यकर्ता नहीं पहुंचा। वहीं पुलिस को पहले से सूचना देकर जब सांसद कहीं जाते हैं तो उनकी सुरक्षा करना प्रशासन का फर्ज बनता है। हमने देखा कि वहां न कोई पुलिस थी और न ही कोई सुरक्षा बल। मेरी मांग है कि दशकों से बंगाल में चलती आ रही राजनीति हिंसा बंद होनी चाहिए। यह बंगाल के लिए शर्मिंदगी की बात है