कोंडागांव

नवाचार: वन विभाग ने स्कूली बच्चों को वन और जीवों से परिचित करवाने घुमाया जंगल, दी कई महत्वपूर्ण जानकारी

Forest Department took school children to the forest: वन वानिकी के प्रति जागरूक करने के लिए दक्षिण वनमंडल के अंतगर्त मादार्पाल वनपरिक्षेत्र में बुधवार को अंदरूनी इलाके के छह स्कूलों के पूर्व माध्यमिक से हायर सेकेंड्री तक के 120 से ज्यादा विद्याथिर्यों को वन भ्रमण करवाते हुए जंगल व यहाॅ मिलने वाले वनोषधी के विषयों में विस्तार से जानकारी दी।
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Updated: 8 Dec 2022, 11:43 AM IST
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वन विभाग ने स्कूली बच्चों को वन और जीवों से परिचित करवाने घुमाया जंगल

Forest Department took school children to the forest: वन वानिकी के प्रति जागरूक करने के लिए दक्षिण वनमंडल के अंतगर्त मादार्पाल वनपरिक्षेत्र में बुधवार को अंदरूनी इलाके के छह स्कूलों के पूर्व माध्यमिक से हायर सेकेंड्री तक के 120 से ज्यादा विद्याथिर्यों को वन भ्रमण करवाते हुए जंगल व यहाॅ मिलने वाले वनोषधी के विषयों में विस्तार से जानकारी दी।

इस वनभ्रमण के दौरान सेवानिवृृत रेंजर अफसर हरेंद्र यादव ने मास्टर ट्रेनर के रूप में विद्याथिर्यों को भ्रमण करवाते हुए परिक्षेत्र के अंतगर्त आने वाले वृक्षारोपण, कूप माकिर्ंग, वानिकी भ्रमण, वन्यजीवों, पक्षियों सहित औधीय पेड़-पौधों की जानकारी दी गई। शायद यह पहला मौका था जब, इतनी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को लेकर जंगल का भ्रमण करवाया गया। वहीं, छात्र-छात्राओं के मन में उठ रहे प्रश्नों का उत्तर भी मौके पर विभागीय अधिकारियों के साथ ही मास्टर ट्रेनर देते रहे। विद्याथिर्यों को वन और वन्य प्राणियों और धरातल पर इनकी मौजूदगी के फायदे भी निगाते जंगल का भ्रमण करवाते रहे। इस मौके पर छेदीलाल नेताम, महादई मरकाम सहित, इलाके के पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

वन भ्रमण का मुख्य उद्देश्य
रेंज अफसर एसआर नेताम ने बताया कि, इस कायर्क्रम का मुख्य उद्देश्य विद्याथिर्यों को वन तथा वानिकी के विभिन्न आयमों का जीवंत परिचय कराकर जागृत करना, वन एवं वन्यजीव संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका से परिचित कराना, हमारी समृद्व जैव विविधता, वनवासियों की सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता एवं सम्मान का भाव जागृत करना, वानिकी प्रबंधन में संलग्न विभागीय कमर्चारियों- अधिकारियों के दायित्व, कतर्व्यों से परिचत होना के साथ ही वन, वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति जागृत होकर अपनी भूमिका सुनिश्चित करना एवं पयार्वरण वन व वन्यजीव संरक्षण के लिए वन मितान हरित योद्वा तैयार करना है।

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