
मूसलाधार बारिश ने रोकी गांवों की रफ्तार (Photo Source- Patrika)
Chhattisgarh Flood: क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बड़ेराजपुर ब्लॉक के ग्राम कोपरा स्थित भंवरडीह नदी पूरे उफान पर है। जलस्तर तेजी से बढऩे के कारण नदी का पानी संपर्क मार्गों और रपटों पर आ गया है, जिससे क्षेत्र का सड़क संपर्क पूरी तरह ठप हो गया है।
यह मार्ग नेशनल हाइवे-30 पर स्थित बहीगांव को सीधे जोड़ता है, जिससे रोजाना सैकड़ों ग्रामीण, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग गुजरते हैं। नदी में आए तेज बहाव के चलते मुंडापारा, नौकाबेड़ा, खरगांव, छोटेराजपुर और नयापारा के ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। हाट-बाजार, जरूरी सामानों की खरीदारी और दैनिक मजदूरी के लिए जाने वाले लोगों के पहिए भी थम गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह हर साल की कहानी है। हल्की बारिश में भी भंवरडीह नदी उफान पर आ जाती है और पूरा क्षेत्र बाहरी दुनिया से कट जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और शासन से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भंवरडीह नदी पर एक उच्चस्तरीय पक्के पुल के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, जब तक नदी पर ऊंचा पुल नहीं बनेगा, तब तक हर बारिश में यूं ही जिंदगी थमती रहेगी।
फरसगांव क्षेत्र में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने भले ही अब राहत की सांस दी हो, लेकिन जाते-जाते वह कई परिवारों की खुशियां और छत छीन ले गई। फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत जुगानी कलार के आश्रित गांव जुगानी कैंप में बारिश के बाद तबाही का खौफनाक मंजर देखने को मिला, जहां एक बेसहारा बुजुर्ग महिला का आशियाना भरभरा कर जमींदोज हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार, जुगानी कैंप के बर्मन पारा निवासी बुजुर्ग महिला हेमन्त बर्मन (पति स्वर्गीय अमरचंद बर्मन) के कच्चे मकान की दीवारें लगातार हो रही बारिश से पहले ही कमजोर हो चुकी थीं। शनिवार को दोपहर अचानक मकान की छत और दीवारें भरभराकर ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। गनीमत रही कि घटना के वक्त बुजुर्ग महिला समय रहते मलबे की चपेट में आने से बच गईं और एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।
हादसे के बाद वृद्धा का सारा घरेलू सामान, जमा-पूंजी और राशन मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गया है। उम्र के इस पड़ाव पर सिर से छत छिन जाने के बाद बुजुर्ग हेमन्त बर्मन अब पूरी तरह बेसहारा होकर खुले आसमान के नीचे आ गई हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पीडि़ता की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बुजुर्ग महिला की नजरें अब ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन की ओर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल मौके का मुआयना कर पीडि़ता को आरबीसी 6-4 के तहत उचित आर्थिक मुआवजा व प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से तत्काल पक्की छत दिलाने की मांग की है।
Updated on:
27 Sept 2026 12:38 pm
Published on:
27 Sept 2026 12:38 pm
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