
पूर्व माओवादी रानू राम (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Former Maoist Ranu Ram: कोण्डागांव जिले के ग्राम ठोटी मड़ानार निवासी रानू राम नेताम, जो पहले माओवादी संगठन से जुड़े थे, अब ङ्क्षहसा का मार्ग छोडक़र सामान्य जीवन जी रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर रानू राम ने संगठन से आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उन्हें सुरक्षित माहौल में अपनी रुचि के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला। पुनर्वास केंद्र में रहते हुए रानू राम ने लाइवलीहुड कॉलेज में ड्राइविंग का प्रशिक्षण लिया। वे बताते हैं कि, अब वे पूरी तरह से गाड़ी चलाना सीख चुके हैं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हैं।
प्रशिक्षण के उपरांत उन्हें सिक्योरिटी गार्ड के रूप में रोजगार मिला, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। यह नौकरी उनके जीवन में अपूर्व बदलाव लाई है, जिससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में सहायता मिल रही है और आत्मविश्वास बढ़ा है।
रानू राम रात के समय ड्यूटी करते हैं और दिन में परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ घर के कामों में भी सहयोग करते हैं। रोजगार के साथ-साथ रानू राम शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को भी बेहतर बनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने सौर पंप योजना के तहत आवेदन किया और अब उनके ट्यूबवेल में सोलर पंप स्थापित हो चुका है। इससे उन्हें सिंचाई की सुविधा मिली है। वे नौकरी के साथ खेती को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि परिवार की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित हो सकें। रानू राम का कहना है कि शासन की योजनाओं और मिले अवसरों ने उन्हें नई दिशा दी है, जिससे वे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य का सपना देख रहे हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक विशेष पुनर्वास नीति बनाई है। इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षित वातावरण, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य हिंसा का मार्ग छोड़ चुके लोगों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाना है। यह नीति माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने और विकास को गति देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
Updated on:
10 Sept 2026 04:40 pm
Published on:
10 Sept 2026 04:32 pm
