
कोण्डागांव. आपने आजादी की लड़ाई के समय अपने संदेश देने के लिए रोटी व कमल के फूल के उपयोग स्वतंत्रता सेनानियों के द्वारा किए जाने की बात तो सुनी ही होगी। लेकिन आपने कभी यह नहीं सुना होगा कि शादी कार्ड के माध्यम से कोई अपने विचार कैसे अपनों तक पहुंचा सकता हैंं। नौकरी से जैसे-तैसे अपना जीवन-यापन कर रहे युवक को विभाग ने बजट नहीं होने की बात कहते हुए बाहर कर दिया।
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तो इसलिए निकाल दिया नौकरी से बाहर
दरअसल 18 माह तक ग्राम पंचायत में डाटा एंट्री आपरेटर की नौकरी करने के बाद हटाए जाने से नाराज एक युवक ने अपने शादी कार्ड में छपवा डाला कमल का फूल हमारी भूल। ग्राम पल्ली निवासी केमचंद्र का विवाह 25 मार्च को होना तय हुआ हैं। उसने बताया कि जिस सरकार पर हम युवाओं ने भरोसा करते हुए उसे तीन दफे प्रदेश की सत्ता सौंपी वहीं सरकार हम बेरोजगार युवाओं के साथ छलावा कर रहा हैं। उसने बताया कि उन्हें व उनके अन्य साथियों को नौकरी से केवल इसलिए निकाल दिया कि सरकार के पास बजट नहीं था। यदि बजट नहीं था तो नौकरी देने की जरूरत ही क्या थी।
सरकार बेरोजगारों का बना रही मजाक
हम बेरोजगारों का यह सरकार मजाक बना रही हैं। उसने बताया कि उसके परिवार में कमाने वाला वह इकलौता था। परिवार में मॉ और छोटे भाई- बहन हैं। जिसकी जिम्मेदारी मुझ पर ही हैं। ऐसे समय में जब नौकरी छुट जाए तो कितना दंश झेलना होता है यह जिस पर बीतता है वही समझ सकता हैं। यही वजह है कि उसने इस तरह से अपने विवाह कार्ड में छपवाकर लोगों को बांट रहा हैं।