शिक्षा विभाग ने गलती सुधारने नए वार्ड की सूची निगम से ली
कोरबा . लापरवाह शिक्षा विभाग ने आखिरकार अपनी गलती स्वीकारी। बुधवार को शिक्षा विभाग ने निगम से वार्डों की नयी सूची लेकर शहर के सभी १६१ निजी स्कूलों को उनकी मूल जगहों पर अपलोड करने के लिए मुख्यालय को जानकारी भेजी। इससे पहले तक शहर में 67 की बजाए 70 वार्ड के हिसाब से विभाग द्वारा आरटीई पोर्टल में एडमिशन कराया जा रहा था।
शिक्षा विभाग को अब तक इसकी जानकारी ही नहीं थी कि शहर में कितने वार्ड हैं। पहले तो पोर्टल में जानकारी अपलोड करने के नाम पर एक से डेढ़ महीने विलंब कर दिया और जब पोर्टल शुरू किया गया तो उसमें बहुत बड़ी चूक कर दी गई थी। दरअसल शहर में तीन साल पहले ही परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 58 की बजाय 67 हो चुकी है। हर एक वार्ड की चौहद्दी बदल चुकी है। मोहल्ले व कॉलोनी एक वार्ड से दूसरे वार्ड में शामिल हो चुके हैं। स्कूलों का भी वार्ड बदल चुका है। यहां तक लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड तक में पता बदल चुका है। ऐसे में जब नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार के तहत पोर्टल में अभिभावक फार्म भरना शुरू किए तो हक्के- बक्के रह गए। दरअसल जो स्कूल उनके वार्ड में हैं वह पोर्टल में नहीं दिखा रहा था। अगर वे किसी स्कूल में एडमिशन लेना भी चाहते हैं तो उनके पास मौजूदा दस्तावेज में जानकारी बदल चुकी है। कुल मिलाकर फार्म भरने में अभिभावक बड़े ही पशोपेश में थे। पत्रिका द्वारा इस मुदद्े को प्रमुखता से उठाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। और निगम से वार्डों की नई सूची लेकर अब त्रुटियां सुधारने में लगा हुआ है। नगर निगम क्षेत्र के सभी 161 स्कूलों का वार्ड अब बदल जाएगा।
आनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाना जरूरी
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पोर्टल सुधारने की प्रक्रिया चल रही है, जैसे-जैसे त्रुटियां पता चल रही हैं, उनके दूर करने की प्रक्रिया की जा रही है। हालांकि विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि वार्ड की गलती सुधारने में कई दिन लगा दिए। २६ मई तक पोर्टल अभिभावकों के लिए खुलेगा। जबकि इन गड़बडिय़ों के कारण इस अवधि को और बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है। आनलाइन व्यवस्था सिरदर्द बन गई है।
अब तक जितने भी फार्म जमा हुए, उनके रिजेक्ट नहीं करने का दावा
अब बड़ा सवाल उठ रहा है कि अब तक जितने भी फार्म जमा हुए वे मान्य होंगे या फिर अमान्य। विभाग का दावा है कि उन फार्म को रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। लेकिन बताया जा रहा है कि ऐसे फार्म को पोर्टल ही स्वीकार नहीं कर रहा है। बाद में यह स्थिति ना सामने आ जाय जिससे गरीब बच्चों के प्रवेश के आवेदन फार्म को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। अभिभावक एडमिशन की उम्मीद लगाकर बैठे रहेंगे। शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट नहीं बताया जा रहा है।
-नगर निगम से वार्डों की नई सूची लेकर पोर्टल में सुधार के लिए मुख्यालय भेजा जा रहा है। कुल १६१ स्कूलों का क्षेत्र इसमें बदलेगा। अभिभावकों द्वारा अपलोड किए गए फार्म को रिजेक्ट नहीं किया जाएगा।
एम ब्राम्हणी, नोडल अधिकारी, आरटीई