
श्वानों का आतंक(photo-patrika)
CG News: कोरबा जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। पिछले कुछ समय से कुत्तों की अनियंत्रित संख्या लोगों के लिए सिर दर्द बनी हुई है। कोरबा जिले में डॉग बाइट के आंकड़े भी बढ़े हुए हैं। अकेले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में औसतन 20 से 30 मरीज डॉग बाइट के सामने आ रहे हैं। इसके लिए रेबीज की दवा का भी संधारण करना पड़ता है। इन सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए नगर पालिका कुत्तों के नसबंदी की योजना बनाई है।
पहले चरण में 1500 कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। इसके लिए राजस्थान की एजेंसी से करार किया गया है। भवानी मंदिर के समीप पशु नियंत्रण केंद्र भी तैयार कर लिया गया है। लगभग 40 लाख रुपये की लागत से बने इस केंद्र में नसबंदी की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रारंभिक चरण में दो माह के भीतर 1500 कुत्तों के बंधियाकरण का लक्ष्य रखा गया है।
एक आंकलन के अनुसार शहर में आवारा कुत्तों की संख्या 30 हजार से अधिक है, जिससे हर गली-मोहल्ले में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थान की कमी के कारण पूर्व में ये योजना प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रही थी। लेकिन अब स्थायी भवन बनने के बाद अब इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई गई है। निगम के अलावा पशुधन विभाग द्वारा भी जिला जेल के पीछे पशु चिकित्सा केंद्र में सीमित संसाधनों के बीच बंधियाकरण किया जा रहा था। पर्याप्त जगह और सुविधाओं के अभाव में पिछले तीन महीनों में यहां केवल 45 कुत्तों की नसबंदी हो सकी है।
नगर निगम के स्वच्छता एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजय तिवारी ने बताया कि हसदेव बराज के निकट पशु जन्म नियंत्रण कक्ष तैयार होगा चुका है। कुत्तों बंधियाकरण शुरू कर दिया जाएगा। पहले चरण में1500 कुत्तों की नसबंदी के लिए राजस्थान के पशु चिकित्सा टीम को जिम्मेदारी दी गई है।
पागल कुत्ते का आतंक… 24 घंटे में 19 लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर काटा- बेमेतरा जिले के थानखम्हरिया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम दर्री और आसपास के इलाकों में एक पागल कुत्ते के आतंक से भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के भीतर इस खूंखार श्वान ने ग्राम दर्री में 12 ग्रामीणों, थानखम्हरिया में 2 और ग्राम बनिया में 2 सगी बहनों समेत कुल 19 लोगों को अपना शिकार बनाया है… पूरी खबर पढ़े
Updated on:
19 Apr 2026 05:03 pm
Published on:
19 Apr 2026 05:03 pm
