
कोरबा . सिटी बस के संचालन के तौर-तरीकों व मनमानी से परेशान ऑटो चालकों ने गुरुवार को 72 घंटे का धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान जहां सड़कों पर ऑटो नहीं दिखी, वहीं यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिटी बसों में खचाखच भीड़ रही। सिटी बसों में जगह नहीं मिलने से कई राहगीर अपने गंतव्य तक अपनी-अपनी सुविधा के अनुसार पहुंचे। वहीं कई यात्रियों को सुविधा के इंतजार में बस स्टॉप पर परेशान होते देखा गया। सड़क पर ऑटो नहीं दौड़ रही है और सभी ऑटो चालक घंटाघर स्थित ओपन थियेटर में धरने पर बैठे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला ऑटो संघ द्वारा सिटी बस के संचालन के तरीके पर सवाल उठाते हुए पिछले कई दिनों से विरोध किया जा रहा था। 28 दिसंबर से 72 घंटे धरना प्रदर्शन कर विरोध करने का निर्णय लिया था। इसकी रणनीति बनाने के लिए मंगलवार को घंटाघर स्थित ओपन थियेटर में ऑटो संघ की एक बैठक रखी गई थी। बैठक में सिटी बस के मनमानी से परेशान ऑटो चालकों ने धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया था।
संघ के मुताबिक सिटी बस का संचालन जनहित में सही किंतु जिस तरह से मनमानी करते हुए किसी भी जगह बस को संचालित की जा रही है। वह सही नहीं है। शहर में निर्धारित स्टापेज में रूकने की बजाय बसों को कहीं भी रोका जा रहा है। इसके अलावा सीमित सवारी होने पर गंतव्य तक आगे ले जाने की बजाय वापस मोड़ लिया जाता है।
सिटी बस की जो रूट कटघोरा से मड़वारानी तक है, इसके बावजूद इसमे रेलवे स्टेशन को जोड़ा गया है। श्यांग, लेमरू, सतरेंगा जैसे मार्गों में यात्रियों को बस सुविधा की आवश्यकता है। जिसे नजरअंदाज कर प्रशासन एक जिले से दूसरे जिले के बीच बस चला रही है। इससे नाराज ऑटो संघ के सदस्यों ने आज से 72 घंटे का प्रदर्शन शुरू कर दिया है।