CG Rape News: कोरबा जिले में अस्पताल से ड्यूटी कर घर लौट रही युवती का रास्ता रोककर अगवा, मारपीट और डरा-धमका कर दुष्कर्म करने के दोषी एक युवक को कोर्ट ने 10 साल की सजा दी है।
CG Rape News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अस्पताल से ड्यूटी कर घर लौट रही युवती का रास्ता रोककर अगवा, मारपीट और डरा-धमका कर दुष्कर्म करने के दोषी एक युवक को कोर्ट ने 10 साल की सजा दी है। मामले में दोषी युवक के एक साथी को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
अतिरिक्त लोक अभियोजक मोहन सोनी ने बताया कि कोरबा के एक अस्पताल में काम करने वाली युवती पिछले साल 3 जून को देर शाम अपने घर लौट रही थी। रास्ते में शारदा विहार रेल फाटक के पास एक बाइक पर सवार होकर दो युवक आए। दोनों ने जोर-जबरजस्ती कर युवती कर युवती को अपनी बाइक में बैठा लिया।
CG Rape News: यहां से मुड़ापार हेलीपेड ले गए। वहां युवती को युवकों ने बेल्ट से पीटा, थप्पड़ भी चलाया। उसके साथ कृष्णा सिदार नाम के युवक ने दुष्कर्म किया। कृष्णा के साथ मौजूद दोस्त शाहिल यादव ने अपहरण करने में साथ दिया। लड़की को दोनों ने हेलीपेड के पास जंगल में छोड़ दिया और यहां से घर भाग गए। देर रात युवती अपने घर पहुंची। घटना की जानकारी अपनी बहन को दी। इसके अगले दिन युवक दोबारा युवती के घर पहुंचे और वहां भी लड़की को डराया-धमकाया। इस घटना के समय पीड़ित लड़की की बहन भी घर में मौजूद थी। दोनों बहनों ने पुलिस थाने में शिकायत की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 अपहरण, 376 दुष्कर्म, 323 मारपीट, 427 मोबाइल तोड़ने का केस दर्ज किया था।
पुलिस ने घटना के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई कोरबा के फास्टट्रैक कोर्ट में चल रही थी। अपर सत्र न्यायाधीश सीमा प्रताप चंद्रा की अदालत ने कृष्णा सिदार और शाहिल यादव को दोषी ठहराया। कृष्णा को युवती के अपहरण, दुष्कर्म, मारपीट और मोबाइल तोड़ने का दोषी पाया गया। उसे कोर्ट ने 10 साल कारावास की सजा सुनाते हुए एक हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। आईपीसी की अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। वहीं शाहिल यादव को कोर्ट ने अपहरण में कृष्णा का साथ देने का दोषी ठहराया और उसे तीन साल की सजा से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि दोनों युवक हफ्ते भर से युवती का पीछा कर रहे थे। युवती एक गांव से आकर अस्पताल में काम करती थी और शहर में एक किराये के मकान में अपनी बहन के साथ रहती थी। घटना से पहले 8 दिन तक दोनों युवकों ने उसका पीछा किया और बाइक पर उसे अगवा किया। उन्हें सजा दिलाने में पीड़ित युवती का बयान बेहद महत्वपूर्ण रहा। उसने अपने साथ हुई घटना को कोर्ट को बताया। साथ ही घटना स्थल से एकत्र फोरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा एकत्रित किया गया सबूत भी बेहद महत्वपूर्ण रहा।