कोरबा

कोल इंडिया में बंदी की मार! पांच साल में 42 कोयला खदानों पर ताला, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर बढ़ी चिंता…

Coal India: कोरबा जिले में एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की कोयला खदानों के बंद होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

2 min read
Jan 05, 2026
कोल इंडिया में बंदी की मार! पांच साल में 42 कोयला खदानों पर ताला, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर बढ़ी चिंता...(photo-patrika)(फोटो- सोशल मीडिया)

Coal India: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) की कोयला खदानों के बंद होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते पांच वर्षों में एसईसीएल की कुल 10 कोयला खदानें बंद की जा चुकी हैं, जिनमें मध्यप्रदेश की चार और छत्तीसगढ़ की छह खदानें शामिल हैं। छत्तीसगढ़ की बंद खदानों में से दो कोरबा जिले में संचालित थीं, जिन्हें भी बंद कर दिया गया है।

Coal India: कोल इंडिया की 42 खदानें हुईं बंद

जानकारी के अनुसार, कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनियों की खदानें लगातार बंद हो रही हैं। पिछले पांच वर्षों में देशभर में कोल इंडिया की कुल 42 ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड कोयला खदानें बंद की जा चुकी हैं। इनमें सबसे अधिक 18 खदानें वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की हैं, जबकि एसईसीएल दूसरे स्थान पर है, जिसकी 10 खदानें बंद हुई हैं।

छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की ये खदानें हुईं बंद

एसईसीएल की बंद की गई खदानों में छत्तीसगढ़ की विश्रामपुर ओपनकास्ट, महामाया भूमिगत, महान ओपनकास्ट, पवन भूमिगत, सुराकछार भूमिगत-3 एवं 4, तथा सुराकछार भूमिगत मुख्य खान शामिल हैं। वहीं मध्यप्रदेश में जमुना आरो-1 एवं 2 भूमिगत, कपिलधारा भूमिगत, न्यू अमलाई भूमिगत और पिनोरा भूमिगत खदानों को बंद किया गया है।

दोबारा उत्खनन की योजना, लेकिन जमीन पर काम नहीं

बताया जा रहा है कि कई वर्षों से बंद पड़ी कोयला खदानों से दोबारा कोयला उत्खनन की योजना तो बनाई जा रही है, लेकिन अब तक कोरबा जिले में एसईसीएल की किसी भी बंद खदान से पुनः कोयला उत्पादन शुरू नहीं हो सका है।

कंटीन्यूअस माइनर मशीन से उम्मीद

कोल इंडिया और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा बंद पड़ी भूमिगत कोयला खदानों में कंटीन्यूअस माइनर मशीन के जरिए कोयला उत्खनन की तैयारी की जा रही है। रजगामार की भूमिगत खदान में कंटीन्यूअस माइनर मशीन उतारी जा चुकी है, जिससे भविष्य में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

घाटे में चल रही खदानों पर लगातार गाज

दूसरी ओर, एक-एक कर घाटे में चल रही कोयला खदानों को बंद करने का सिलसिला भी जारी है। इससे न सिर्फ कोयला उत्पादन पर असर पड़ रहा है, बल्कि स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है।

Updated on:
05 Jan 2026 12:30 pm
Published on:
05 Jan 2026 12:29 pm
Also Read
View All

अगली खबर