कोरबा

CG Election 2018: चुनाव पर महंगाई की मार, 10 नहीं 20 लाख मांग रहे उम्मीदवार

आमतौर पर देश में महंगाई की चर्चा है पर अब चुनाव पर भी महंगाई का साया दिखने लगा है। भाजपा के प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च के लिए हाईकमान से पिछले चुनाव की तुलना में दोगुने रकम की मांग की है।

2 min read
Oct 24, 2018
Congress,Congress leader,bjp mla,Assembly Elections 2018,changemaker,

आकाश श्रीवास्तव/कोरबा. आमतौर पर देश में महंगाई की चर्चा है पर अब चुनाव पर भी महंगाई का साया दिखने लगा है। भाजपा के प्रत्याशियों ने चुनाव खर्च के लिए हाईकमान से पिछले चुनाव की तुलना में दोगुने रकम की मांग की है। पिछली बार पार्टी से खर्च के लिए 10-10 लाख रुपए मिले थे, इस बार प्रत्याशी आलाकमान से 20-20 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष का कहना है कि प्रत्याशियों की मांग से पार्टी को अवगत करवा दिया गया है। चुनाव में फंड को लेकर प्रत्याशियों के बीच एक बड़ी चुनौती रहती है।

कई प्रत्याशी धनाढ्य होते हैं। उनके लिए फंड बहुत अधिक मायने नहीं रखता, लेकिन कई ऐसे प्रत्याशी जो आर्थिक रूप से बहुत अधिक मजबूत नहीं होते, उनके लिए परेशानी जरूर होती है। भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को पिछली बार 10-10 लाख दिए थे। पांच साल में महंगाई बढ़ गई है। निर्वाचन आयोग ने भी सामानों के दर तय कर दिए हैं। आने वाले 28 दिन का हिसाब प्रत्याशी लगा रहे हैं। मंहगाई की वजह से प्रत्याशियों का गणित गड़बड़ा गया है। मंहगाई को देखते हुए प्रत्याशियों की नजर अब पार्टी के खजाने पर है। खर्च सीमा 28 लाख तय की गई है। इस सीमा के भीतर ही प्रत्याशियों को खर्च करना है।

ये भी पढ़ें

CG Election 2018: गांवों को बना दिया खदान, ग्रामीणों को बना दिया रिफ्यूजी

कांग्रेसी प्रत्याशियों को भी मिला था 10-10 लाख
भाजपाई प्रत्याशियों की तरह कांग्रेसी प्रत्याशी को भी पिछली बार 10-10 लाख का फंड पार्टी ने दिया था। चारों प्रत्याशियों में सबसे अधिक रामदयाल उइके ने 6 लाख 70 हजार खर्च किया था। जबकि कोरबा के जयसिंह अग्रवाल ने पांच लाख 3 हजार ही खर्च किया था। इसी तरह कटघोरा से बोधराम कंवर ने सबसे कम तीन लाख 16 हजार की खर्च किया था। वहीं रामपुर से श्यामलाल कंवर ने तीन लाख 74 हजार खर्च किया था।

प्रत्याशियों ने खुलवाया नया खाता, उसी खाते की ट्रांजेक्शन होगी मान्य
निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद प्रत्याशियों को नया खाता खुलवाना होगा। उसी खाते से निकाली गई राशि ही मान्य होगी। पार्टी भी उसी खाते से राशि डलवा सकते हैं। लिहाजा प्रत्याशी अब नया खाता खुलवाने लगे हैं। नामाकंन फार्म जमा करते समय इस खाते की जानकारी आयोग को देनी होगी।

ननकी-लखन थे सबसे आगे
खर्च करने के मामले में पिछली विधानसभा चुनाव में कोरबा से प्रत्याशी जोगेश लांबा और कटघोरा से प्रत्याशी लखनलाल देवांगन सबसे आगे थे। जोगेश लांबा ने जहां 10 लाख 54 हजार रुपए खर्च किया था। जबकि लखनलाल देवांगन ने 9 लाख 60 हजार रुपए चुनाव में खर्च किया गया था। वहीं ननकीराम कंवर ने भी 9 लाख 93 हजार रुपए खर्च किया था। पाली तानाखार से श्यामलाल मरावी तीन लाख 76 हजार रुपए खर्च किया था।

भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी ने कहा - पार्टी अपने स्तर से प्रत्याशियों को फंड देती है। प्रत्याशी अधिक राशि की मांग करते हैं। लेकिन एक सीमित दायरे में ही राशि मिलती है। उसी के हिसाब से खर्च करना होता है।

ये भी पढ़ें

संबित पात्रा बोले – चुनाव में सीडी बनाम विकास की सीढ़ी का मुद्दा हावी, कांग्रेस लड़ाई से बाहर

Published on:
24 Oct 2018 08:16 pm
Also Read
View All