विभाग के कर्मचारियों को सूचना मिलने के बाद नुकसान का आंकलन पंचनामा बना कर मुआवजे की प्राक्रिया की है।
करतला. कुदमुरा रेंज के बैगामार गांव में दंतैल हाथी ने जमकर उत्पात मचाया है। यहां दंतैल ने किसानों की बाड़ी में लगे केले के पौधे को तोड़कर तहस-नहस कर दिया है। वहीं दंतैल हाथी ने सरगुजा, जशपुर जिले से आये हुए मवेशी कोचिया तरणपुरी निवासी जंगझरिया(सरगुजा),देवपुरी गोस्वामी निवासी बनसीपुर(सरगुजा), संजयपूरी गोस्वामी निवासी हरकटटा (जशपुर) 6 बैलों को मार डाला है। एक बैल को घायल कर दिया है।
मवेशी कोचियों ने बताया की भैसमा बैगामार से 30 बैल खरीद कर आ रहे थे कि रात होने पर बैगामार में रुक गए रात करीबन लगभग 12 बजे हाथी पास के बाड़ी में लगे कटहल के फल को खाने आया। पास में रस्सी से सभी बैलों को बांध दिये थे। इस दौरान दंतैल हाथी ने 6 बैलों को पटक-पटक कर मार डाला और बाकी 23 बैल अभी लापता है। विभाग के कर्मचारियों को सूचना मिलने के बाद नुकसान का आंकलन पंचनामा बना कर मुआवजे की प्राक्रिया की है। कोरबा वन मंडल में करतला कुदमुरा रेंज में विचरण कर रहे है। ऐसे में ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। रात के दौरान हाथियों की चिंघाड़ से ग्रामीणों को रतजगा करने को मजबूर हैं।
हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी कुछ दिनों पहले हाथियों ने सात किसानों की बाड़ी को रौंदते हुए फसल को नुकसान पहुंचाया था। लगातार घटनाओं से ग्रामीण दहशत में है। खेती किसानी का काम पूरी तरह से चौपट होते जा रहा है। करतला रेंज के ग्राम कोई और कोटमेर में हाथियों ने 7 किसानों की बाड़ी को उजाड़कर सब्जी की फसल को नुकसाान पहुंचाया था। हाथियों के और भी आक्रकम हो जाने से ग्रामीणों के साथ-साथ वन विभाग की चिंता भी बढ़ गई है।
1246 हेक्टेयर में है करतला का फैलाव
करतला क्षेत्र में वन विभाग के तीन रेंज आते हैं। इनका कुल क्षेत्रफल १२४६ हेक्टेयर है। हालांकि इसमें कई गांव भी हैं। कई ग्रामीण तो ऐसे हैं जो जंगल के बीचो-बीच घर बनाकर बसे हुए हैं। इन्हें देख हाथी बौखला जाते हैं। पिछले एक दशक के दौरान वनविभाग के करतला क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ी है।